पूर्वांचल में 150 पिस्टल खपाने वाले असलहा सिंडिकेट का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार; बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच
उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूर्वांचल में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक कथित असलहा सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में अब तक करीब 150 पिस्टल की सप्लाई कर चुका था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और उनके आपराधिक संपर्कों को लेकर जांच तेज कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी श्रेयांश का कनेक्शन शशांक नाम के एक व्यक्ति से बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, शशांक पंजाब में बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों को कथित तौर पर अवैध हथियार उपलब्ध कराने के मामले में जेल जा चुका है। अब पुलिस इस कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है कि पूर्वांचल में सक्रिय हथियार नेटवर्क का संबंध दूसरे राज्यों में सक्रिय अपराधियों और गैंग से किस स्तर तक था।
जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, राजकुमार चौहान हत्याकांड में भी इसी नेटवर्क से जुड़े हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इस एंगल से पुलिस पुराने आपराधिक मामलों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क ने किन-किन वारदातों के लिए हथियार उपलब्ध कराए थे।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में नेटवर्क के कई स्तरों की जानकारी मिली है। इसमें हथियारों की खरीद, उन्हें अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने और फिर अपराधियों को सप्लाई करने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
अवैध हथियारों की सप्लाई पर कार्रवाई के तहत पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि करीब 150 पिस्टल किन लोगों तक पहुंचाई गईं। इसके लिए आरोपियों से बरामद जानकारी, संपर्कों और पिछले आपराधिक मामलों को खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी।
बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि किसी व्यक्ति का किसी गैंग से संबंध होने का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
इस कार्रवाई को पूर्वांचल में अवैध हथियारों की सप्लाई पर बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस का फोकस अब हथियारों के स्रोत, सप्लाई चैन और उन लोगों की पहचान पर है, जिन्होंने इस नेटवर्क का इस्तेमाल किया। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

