RTE दाखिले में निजी स्कूलों की मनमानी, शिक्षा विभाग सख्त; FIR की तैयारी शुरू
Lucknow में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने के मामले में कई निजी स्कूलों द्वारा लापरवाही और मनमानी किए जाने का मामला सामने आया है। इस स्थिति ने अभिभावकों और शिक्षा विभाग, दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, शहर के कई प्रतिष्ठित निजी विद्यालय, जिनमें City Montessori School (CMS), बाल गाइड स्कूल, सेंट मेरी स्कूल और LPS सहित कुल 35 स्कूल शामिल हैं, ने अब तक RTE के तहत चयनित बच्चों को दाखिला नहीं दिया है। यह स्थिति तब है जब प्रवेश प्रक्रिया पहले ही निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी हो चुकी है।
RTE अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा का अधिकार दिया गया है, ताकि शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित किया जा सके। लेकिन कई स्कूलों द्वारा समय पर प्रवेश न देने और प्रक्रिया को लंबा खींचने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि कई बार नोटिस जारी करने और निर्देश देने के बावजूद स्कूलों ने चयनित बच्चों के प्रवेश में देरी की है, जो नियमों का उल्लंघन है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बच्चों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल जानबूझकर प्रवेश प्रक्रिया को टाल रहे हैं और कई जगहों पर उन्हें बार-बार चक्कर लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ स्कूलों का कहना है कि तकनीकी और दस्तावेजी कारणों से प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई है, लेकिन जल्द ही सभी पात्र बच्चों को दाखिला दे दिया जाएगा।
फिलहाल, शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद मामले ने तेजी पकड़ ली है और आने वाले दिनों में स्कूलों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि RTE नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह पूरा मामला अब अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

