देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले ईमेल बेचकर डॉलर कमाता था अंकित, आधा दर्जन अन्य लोग भी ATS की रडार पर
देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को ईमेल आईडी बेचकर डॉलर में कमाई करने के मामले में एटीएस की जांच का दायरा बढ़ गया है। इस मामले में गिरफ्तार अंकित संखवार के साथ करीब आधा दर्जन अन्य लोगों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। अंकित की गिरफ्तारी के बाद अब ये सभी लोग एटीएस की रडार पर आ गए हैं। जांच एजेंसी इनके नेटवर्क और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
एटीएस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि अंकित ने ईमेल आईडी बेचने के इस धंधे के बारे में सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से जानकारी जुटाई थी। इसके बाद उसने इस तरीके से कमाई शुरू की। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ईमेल आईडी किन लोगों को बेची जाती थीं।
अंकित की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा जांच का दायरा
अंकित संखवार की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को इस पूरे मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब आधा दर्जन लोग भी इसी तरह के कारोबार से जुड़े हुए हैं। अब एजेंसी इन लोगों की भूमिका और अंकित के साथ उनके संपर्कों की जांच कर रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह है कि ईमेल आईडी उपलब्ध कराने का काम अकेले अंकित करता था या इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। एटीएस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ईमेल आईडी तैयार करने, बेचने और भुगतान प्राप्त करने की प्रक्रिया किस तरह संचालित होती थी।
सोशल मीडिया और वीडियो से सीखा तरीका
एटीएस की जांच में सामने आया है कि अंकित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन वीडियो के जरिए इस काम की जानकारी हासिल की थी। बताया जा रहा है कि उसने इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री के माध्यम से ईमेल बेचने के तरीके को समझा और फिर इसे कमाई का जरिया बनाया।
इस मामले में डॉलर में भुगतान मिलने की बात भी जांच का हिस्सा है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि भुगतान किन माध्यमों से किया जाता था और इसके लिए किन खातों या डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हुआ।
एटीएस खंगाल रही डिजिटल रिकॉर्ड
मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही है। ईमेल आईडी से जुड़े रिकॉर्ड, सोशल मीडिया संपर्क और ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी जांच में अहम हो सकती है।
एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बेची गई ईमेल आईडी का इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ और क्या इस नेटवर्क के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को किसी तरह की मदद पहुंचाई गई।
फिलहाल अंकित की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। आधा दर्जन अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बाद एटीएस की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर नजर बनी हुई है।

