पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली: प्लेन की नोज क्षतिग्रस्त, खराब मौसम के बीच हुआ हादसा
पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट बुधवार शाम खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। बिजली गिरने से विमान के अगले हिस्से यानी नोज को नुकसान पहुंचा। घटना के समय विमान लखनऊ की ओर उड़ान भर रहा था। खराब मौसम के बीच हुई इस घटना से फ्लाइट में सवार यात्रियों में चिंता का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि विमान जब लखनऊ के नजदीक पहुंच रहा था, तभी मौसम खराब हो गया। इसी दौरान विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। बिजली गिरने के बाद विमान के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा। हालांकि विमान को सुरक्षित तरीके से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार लिया गया।
विमान की नोज हुई क्षतिग्रस्त
आकाशीय बिजली गिरने से विमान के अगले हिस्से की बाहरी सतह यानी नोज को नुकसान पहुंचा है। विमान की तस्वीरें सामने आने के बाद घटना का पता चला। विमान के अगले हिस्से पर क्षति के निशान दिखाई दे रहे हैं।
आकाशीय बिजली का विमान से टकराना कोई असामान्य घटना नहीं है। आधुनिक यात्री विमानों को इस तरह की स्थिति को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है। आमतौर पर बिजली विमान के बाहरी हिस्से से होकर निकल जाती है, लेकिन कुछ मामलों में विमान के बाहरी हिस्से को नुकसान हो सकता है।
खराब मौसम के बीच हुआ हादसा
बुधवार शाम कई इलाकों में मौसम खराब था। उड़ान के दौरान विमान को भी खराब मौसम का सामना करना पड़ा। इसी दौरान आकाशीय बिजली विमान से टकरा गई।
विमान के सुरक्षित लखनऊ पहुंचने के बाद यात्रियों को राहत मिली। घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिजली गिरने से विमान के किस हिस्से को कितना नुकसान हुआ है।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम
विमानन क्षेत्र में खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली और तेज हवाओं जैसी परिस्थितियों को गंभीरता से लिया जाता है। पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच लगातार संपर्क रहता है और मौसम की स्थिति के अनुसार उड़ान का मार्ग या ऊंचाई बदली जा सकती है।
इस घटना में विमान के लखनऊ पहुंचने के बाद तकनीकी टीम द्वारा इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विमान को हुए नुकसान की गंभीरता कितनी है और इसे दोबारा उड़ान के लिए कब तक इस्तेमाल किया जा सकेगा।
फिलहाल इस घटना में विमान के सुरक्षित लखनऊ पहुंचने की बात सामने आई है। खराब मौसम के दौरान हुई इस घटना ने एक बार फिर उड़ान के दौरान मौसम की चुनौती और विमान की सुरक्षा व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है।

