अमित शाह ने 1990 की गोलीबारी का मुद्दा उठाकर सपा पर साधा निशाना, मुलायम सिंह यादव सरकार को घेरा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को लखनऊ दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने 1990 में अयोध्या में रामभक्तों पर हुई गोलीबारी का मुद्दा उठाते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। शाह ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए सपा की तत्कालीन सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
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शाह ने कहा कि भाजपा ने रामभक्तों की आस्था से जुड़े संकल्प को पूरा करते हुए अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि रामभक्तों पर गोली चलने की घटना के बाद समाजवादी पार्टी किस आधार पर दोबारा सरकार बनाने की बात करती है। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इस घटना को भूली नहीं है और सपा को इसका राजनीतिक जवाब मिलता रहेगा।
अखिलेश यादव को लेकर कही यह बात
गृहमंत्री ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि जनता रामभक्तों पर हुई गोलीबारी को याद रखेगी। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को आने वाले वर्षों में भी इस घटना का राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। शाह ने राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए भाजपा और सपा की राजनीति के बीच अंतर बताने की कोशिश की।
2027 के चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान
अमित शाह लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। शाह ने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी सराहना की।
सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने का ऐलान
बैठक में शाह ने कहा कि यदि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में दोबारा सरकार बनाती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की अपील की।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
शाह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर चुनाव में हार के बाद चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष को वोट चोरी के आरोपों पर संसद में चर्चा करने की चुनौती भी दी। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर पुलिस ने गोलीबारी की थी। अमित शाह ने इसी घटना की बरसी के दिन इसका जिक्र कर समाजवादी पार्टी को घेरा।

