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allahbad बमरौली डिवीजन बिजली चोरी में पांचवें स्थान पर, जानें अन्‍य जिलों का हाल

बिजली चोरी न रुकी तो अफसरों पर कार्रवाई होगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 14.83 फीसद बिजली चोरी बढ़ी है। रामबाग, कल्याणी देवी, करैलाबाग, टैगोर टाउन, म्योहाल, बमरौली और नैनी डिवीजन है। इन सभी डिवीजन में बिजली चोरी होती है। हालांकि सर्वाधिक बिजली चोरी बमरौली डिवीजन में हो रही है। इस डिवीजन से संबंधित आठ उपकेंद्र हैं, जिसमें बमरौली नया व पुराना, केंद्रांचल, कानपुर रोड, चौफटका, कसारी-मसारी, झलवा और कालिंदीपुरम शामिल हैं। यहां के 15 फीडरों पर जबरदस्त तरीके से बिजली चोरी हो रही है।

उत्तर प्रदेश न्यूज़ डेस्क !!!मीडिया रिपेार्ट के अनुसार  बता दें कि,  बिजली चोरी न रुकी तो अफसरों पर कार्रवाई होगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 14.83 फीसद बिजली चोरी बढ़ी है। रामबाग, कल्याणी देवी, करैलाबाग, टैगोर टाउन, म्योहाल, बमरौली और नैनी डिवीजन है। इन सभी डिवीजन में बिजली चोरी होती है। हालांकि सर्वाधिक बिजली चोरी बमरौली डिवीजन में हो रही है। इस डिवीजन से संबंधित आठ उपकेंद्र हैं, जिसमें बमरौली नया व पुराना, केंद्रांचल, कानपुर रोड, चौफटका, कसारी-मसारी, झलवा और कालिंदीपुरम शामिल हैं। यहां के 15 फीडरों पर जबरदस्त तरीके से बिजली चोरी हो रही है।

सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि, बेहतर कार्य, उल्‍लेखनीय योगदान देने वालों के ग्रेड और सम्‍मान प्राप्‍त करने, अव्‍वल होने की बात सुनी होगी। यहां तो बात ही अलग है। उत्‍तर प्रदेश में बिजली चोरी का भी रिकार्ड बन गया है। जी हां, प्रदेश के कई ऐसे भी जिले हैं, जिन्‍होंने बिजली चोरी में अव्‍वल हैं। एक जिला प्रयागराज भी है। यहां का बमरौली डिवीजन का स्‍थान उत्‍तर प्रदेश में बिजली चोरी में पांचवां है। आइए जानें अन्‍य जिलों का हाल जिनकी रेटिंग टाप फाइव में है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि,08 उपकेंद्रों पर नहीं रुक पा रही चोरी 01 वर्ष तक छापेमारी हुई कम 15 फीडर हाईलाइन लॉस वाले 14.83 फीसद बिजली चोरी पिछले वर्ष की अपेक्षा बढ़ी।करोड़ों रुपये खर्च कर एबीसी लाइनें बिछाने के बाद भी बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।इसके आगे आपको बता दें कि, जिले में बमरौली डिवीजन में सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है। बिजली चोरी में यह डिवीजन पांचवें स्‍थान पर काबिज है।प्रदेश में सबसे अधिक बिजली चोरी नोएडा अष्टम डिवीजन में होती है। उसके बाद फिरोजाबाद द्वितीय डिवीजन में, ग्रेटर नोएडा डिवीजन में और बीकेटी लखनऊ डिवीजन होती हैं। यह जानकारी पिछले दिनों समीक्षा के दौरान एमडी ने अधिकारियों को दी।

 

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