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allahabad प्रयागराज में पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही थी आतंकी गतिविधियां, एटीएस की कार्रवाई से खुला राज

allahabad प्रयागराज में पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही थी आतंकी गतिविधियां, एटीएस की कार्रवाई से खुला राज

उत्तर प्रदेश न्यूज़ डेस्क !!! पोल्ट्री फार्म संचालक को लोग शाहरुख के नाम से जानते थे, सही नाम के बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। अलबत्ता कुछ लोगों यह भी कहना था कि पकड़ा गया जीशान ही शाहरुख है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। इसके आगे  बताया जा रहा है कि, एटीएस की टीम मंगलवार सुबह ही एक युवक की आंख में काली पट्टी बांधकर वहां तक ले गई थी। दिनभर पूछताछ होती रही। शाम को आइईडी मिलने की बात सामने आई।  एसटीएस की टीम ने नैनी से किस युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, इस बारे में भी अधिकारी कुछ नहीं बोल रहे हैं। बहरहाल, सच्चाई सामने आने के बाद अब लोगों का यही कहना है कि पोल्ट्री फार्म की आड़ में आतंकी गतिविधियां चल रही थी।

साहित्यिक, शैक्षिक व धार्मिक नगरी प्रयागराज में आतंकी कनेक्‍शन, सहसा इस पर विश्‍वास नहीं होता। जो कुछ हुआ, उससे यहां के शांतिप्रिय लोग सहसा विश्‍वास नहीं कर पा रहे हैं। जिले के नैनी थाना क्षेत्र के डांडी मकशूकाबाद  मोहल्ले में पोल्ट्री फार्म की आड़ में आतंकी गतिविधियां चल रही थी। एटीएस ने जब यहां कार्रवाई की तो लोगों को सच्चाई का पता चला।डांडी स्थित पोल्‍ट्री फार्म की आड़ में आतंकी गतिविधि संचालित हो रही थी। आइईडी मिलने के बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए। तब पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया।

मीडिया रिपेार्ट के अनुसार ,बम निरोधक दस्ता आइईडी को निष्क्रिय करने के बाद जब वापस गई तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। जाने से पहले पुलिस ने पोल्ट्री फार्म को भी सील कर दिया।स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब आठ माह पहले करेली निवासी शाहरुख ने यहां पोल्ट्री फार्म खोला था।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, देशी मुर्गा पाला जाता था। पोल्ट्री फार्म अक्सर तीन-चार युवकों को आते-जाते देखा जाता था। कभी-कभी कुछ लग्जरी कार से भी युवक आते थे।  खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि,  गतिविधियां संदिग्ध रहती थी, कोई उनसे पूछताछ करने की हिम्मत नहीं करता था। सूत्रों का कहना है कि कभी कभार पोल्ट्री फार्म के भीतर से पटाखे जैसी आवाज भी सुनने को मिलती थी। वहां काम करने वाले लोग खड़ा मुर्गा ही बेचते थे।

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