विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार का आदेश रद्द, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वजीर आलम को दी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महराजगंज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी वजीर आलम को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट), महराजगंज के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें आवेदक को विदेश यात्रा के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने से इनकार किया गया था।
न्यायालय ने वजीर आलम की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश को उचित नहीं माना। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल आपराधिक मामले के लंबित होने के आधार पर किसी व्यक्ति को विदेश यात्रा के अधिकार से पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता।
मामले के अनुसार, वजीर आलम ने विदेश यात्रा के लिए एनओसी जारी किए जाने की मांग करते हुए विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट), महराजगंज की अदालत में आवेदन किया था। हालांकि, निचली अदालत ने आवेदन को स्वीकार नहीं किया और विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आवेदक ने इस आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वह न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग कर रहा है और विदेश यात्रा के लिए एनओसी की आवश्यकता है। उसकी ओर से यह भी कहा गया कि यात्रा के बाद वह अदालत की सभी शर्तों का पालन करेगा।
वहीं, मामले में अन्य पक्षों की ओर से भी तर्क प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया।
अदालत ने पाया कि विदेश यात्रा का अधिकार व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है। ऐसे में बिना पर्याप्त कारण के किसी व्यक्ति को यात्रा से रोकना उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट), महराजगंज के आदेश को निरस्त करते हुए मामले पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले से वजीर आलम को राहत मिली है। अब निचली अदालत को हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालतें आपराधिक मामलों में भी आरोपी के मौलिक अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर देती हैं। विदेश यात्रा से जुड़े मामलों में अदालतें आमतौर पर आरोपी की स्थिति, मामले की गंभीरता और जांच में सहयोग जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला करती हैं।
फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद वजीर आलम के लिए विदेश यात्रा से जुड़ी बाधा दूर हो गई है और मामले में आगे की कार्रवाई निचली अदालत के स्तर पर होगी।

