फर्रुखाबाद में 8वीं मोहर्रम पर अलम और ताजिया जुलूस, पुरानी परंपराएं निभाईं गईं
8वीं मोहर्रम के अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में अलम और ताजिया जुलूस निकाले गए। इस दौरान इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला की शहादत को याद करते हुए अनुयायियों ने मातम किया और हजरत अब्बास को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अलम और ताजिया जुलूस में उमड़ी भीड़
शहर के अलग-अलग इलाकों से निकले जुलूसों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे माहौल में धार्मिक आस्था और भावनात्मक वातावरण देखने को मिला।
180 और 100 साल पुरानी परंपराएं निभाईं गईं
बीबीगंज में करीब 180 साल पुरानी और बंगशपुरा में लगभग 100 साल पुरानी अलम की परंपराओं को इस अवसर पर पूरी श्रद्धा के साथ निभाया गया। इन ऐतिहासिक परंपराओं को देखने के लिए स्थानीय लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए।
मातम और श्रद्धांजलि का माहौल
जुलूस के दौरान अनुयायियों ने मातम कर कर्बला के शहीदों को याद किया। पूरे आयोजन में शोक और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
सुरक्षा के रहे इंतजाम
प्रशासन की ओर से जुलूस के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
यह आयोजन शहर में आस्था, परंपरा और भाईचारे का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।

