सड़क पर नमाज़ विवाद पर सियासी संग्राम तेज, दो मिनट के वीडियो में देंखे अखिलेश यादव का पलटवार—“हम असली मुद्दों पर सवाल पूछेंगे”
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। सड़क पर नमाज़ और सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर चल रही बहस अब सियासी टकराव का रूप लेती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को तीखा पलटवार किया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों को लेकर नियम पहले से तय हैं और सरकार का ध्यान सड़कों को चौड़ा करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दे उठाकर असल सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।सपा प्रमुख ने सवाल उठाते हुए कहा, “कौन सड़क पर नमाज़ पढ़ रहा है? और अगर कहीं पढ़ भी रहा है, तो अगर जगह कम है तो क्या दिक्कत है?” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के मुद्दों को तूल देकर जनता को असली समस्याओं से दूर किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब ध्यान भटकाने की रणनीति है, ताकि रोजगार, शिक्षा और आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा न हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों में उलझने वाला नहीं है और वह सरकार से सीधे जवाब मांगेगा।अपने संबोधन में उन्होंने खास तौर पर शिक्षा और भर्ती से जुड़े मामलों को उठाया। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि नीट परीक्षा में क्या हुआ, 69 हजार शिक्षक भर्ती का मामला क्या है और आरक्षण व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों पर सरकार का क्या रुख है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है, जिससे जनता का ध्यान बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं से हट जाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इन सवालों को लगातार उठाती रहेगी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगा चुनावी माहौल के बीच इस तरह की बयानबाज़ी और तेज हो सकती है। सड़क पर नमाज़ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बहस ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
दूसरी ओर, सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था और नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है, जबकि विपक्ष इसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रहा है।कुल मिलाकर, यह विवाद अब केवल सड़क या व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि राज्य की राजनीति में एक बड़े टकराव का केंद्र बनता जा रहा है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने एजेंडे के साथ जनता के बीच अपनी बात रख रहे हैं।

