मुलायम की ‘कन्या विद्या धन योजना’ फिर शुरू करेंगे अखिलेश, 12वीं पास छात्राओं को 50 हजार और लैपटॉप का वादा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने महिलाओं और छात्राओं से जुड़े कई चुनावी वादों का ऐलान किया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुरानी ‘कन्या विद्याधन योजना’ को दोबारा शुरू करने की बात कही है। सपा के मुताबिक, सरकार बनने पर 12वीं पास छात्राओं को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही छात्राओं को लैपटॉप देने का भी वादा किया गया है।
मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में शुरू हुई थी योजना
‘कन्या विद्याधन योजना’ की शुरुआत मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री रहते हुई थी। योजना का उद्देश्य 12वीं पास छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना था। उस समय पात्र छात्राओं को 20 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी।
अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते इस योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये किए जाने की बात सामने आती है। अब सपा की ओर से सत्ता में आने पर योजना को नए स्वरूप में दोबारा शुरू करने और सहायता राशि 50 हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
12वीं पास छात्राओं को लैपटॉप देने का भी वादा
अखिलेश यादव ने छात्राओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए लैपटॉप देने की बात भी कही है। सपा की ओर से इंटरमीडिएट पास छात्राओं को लैपटॉप उपलब्ध कराने का वादा किया गया है।
सपा ने इससे पहले भी लैपटॉप वितरण को अपनी सरकार की योजनाओं से जोड़ा है। पार्टी का कहना है कि तकनीकी संसाधनों से विद्यार्थियों को पढ़ाई और रोजगार के अवसरों में मदद मिल सकती है।
छात्राओं के लिए साइकिल और अन्य घोषणाएं
सपा के प्रस्तावित चुनावी एजेंडे में छात्राओं के लिए मुफ्त साइकिल देने की बात भी शामिल है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए स्कूल और कॉलेज तक आने-जाने की सुविधा को लेकर यह घोषणा की गई है।
इसके अलावा महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का भी ऐलान किया गया है। महिलाओं के लिए विशेष अवकाश और आवास से जुड़ी घोषणाएं भी सपा के प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल हैं।
बंद स्कूलों को दोबारा खोलने का दावा
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बंद या विलय किए गए प्राथमिक स्कूलों को दोबारा शुरू करने की बात भी कही है। सपा का दावा है कि सरकार बनने पर बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर स्कूलों को फिर से संचालित किया जाएगा।
पार्टी ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियों की शिक्षा से जुड़े खर्च को कम करने और फीस में राहत देने की बात भी कही है। इन घोषणाओं को सपा अपने शिक्षा और महिला-केंद्रित प्रस्तावों के हिस्से के तौर पर पेश कर रही है।
चुनाव से पहले महिलाओं और छात्राओं पर फोकस
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल महिलाओं, युवाओं और छात्राओं से जुड़े मुद्दों पर घोषणाएं कर रहे हैं। सपा की ओर से हाल में महिलाओं को आर्थिक सहायता, छात्राओं को लैपटॉप और साइकिल तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्ताव सामने रखे गए हैं।
फिलहाल ये घोषणाएं सपा के चुनावी वादे हैं। इनके लागू होने की स्थिति सरकार बनने के बाद नीतिगत फैसलों, पात्रता और बजट प्रावधानों पर निर्भर करेगी।

