लखनऊ में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को शनिवार को अंतिम विदाई दी गई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अखिलेश यादव भावुक नजर आए। रामगोविंद चौधरी के निधन से समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल है।
रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वह करीब 74 वर्ष के थे। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे रामगोविंद चौधरी का लखनऊ के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा था। करीब दो सप्ताह पहले उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि
शनिवार सुबह अखिलेश यादव रामगोविंद चौधरी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर फूल अर्पित किए और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
अखिलेश यादव ने रामगोविंद चौधरी के निधन को समाजवादी पार्टी और समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा था कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
आठ बार विधायक रहे रामगोविंद चौधरी
रामगोविंद चौधरी का राजनीतिक जीवन करीब पांच दशक से अधिक लंबा रहा। वह आठ बार विधायक चुने गए और उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों के आंदोलन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही और उन्हें जेल जाना पड़ा था।
1977 में उन्होंने चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने बलिया की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। बाद में वह बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से भी विधायक रहे।
मुलायम और अखिलेश सरकार में संभाली मंत्री पद की जिम्मेदारी
रामगोविंद चौधरी ने मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2012 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनी सरकार में भी उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उन्होंने बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, समाज कल्याण और पंचायती राज जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
वर्ष 2017 में अखिलेश यादव ने उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी। इसके बाद वह विधानसभा में सपा की प्रमुख आवाजों में शामिल रहे।
कई नेताओं ने जताया शोक
रामगोविंद चौधरी के निधन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री बताते हुए श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
रामगोविंद चौधरी के निधन से बलिया और उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है। लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने विधानसभा, सरकार और विपक्ष में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनके निधन के बाद पार्टी नेताओं और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके राजनीतिक योगदान को याद किया।

