अंकित बालियान की हत्या पर अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले- जाट समुदाय आक्रोशित; राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के एंगल से हो जांच
उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हत्याकांड को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है और कहा कि इस घटना से उत्तर प्रदेश का जाट समुदाय आक्रोशित है।
जिम से बाहर निकलते ही हुई फायरिंग
अंकित बालियान की बुधवार शाम शामली के कोतवाली क्षेत्र में एक जिम के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, अंकित जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर आए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
अखिलेश ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हत्या को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि शामली में लोकप्रिय गायक की जिस तरह हत्या की गई, उससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हुआ है। अखिलेश ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।सपा प्रमुख ने अंकित की मां द्वारा बेटे के शव को गोद में लेकर सड़क पर शोक जताने की खबर को भी हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि जाट समाज ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
'जाट समुदाय इसे अपने ऊपर प्रहार मान रहा'
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश का समस्त जाट समुदाय इस घटना को अपने ऊपर प्रहार मानकर आक्रोशित है। उन्होंने यह भी कहा कि हत्याकांड की जांच केवल सामान्य आपराधिक घटना के तौर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के पहलू से भी की जानी चाहिए।हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक हत्या के पीछे राजनीतिक कारण होने की पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जुड़े एंगल की जांच की मांग फिलहाल अखिलेश यादव और अन्य लोगों की ओर से उठाई गई है।
पंचायत चुनाव लड़ने की भी थी चर्चा
अंकित बालियान के आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी करने की अटकलें भी सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस या उनके सहयोगियों की ओर से तत्काल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनकी राजनीतिक गतिविधियां हत्या की वजह थीं या नहीं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।अंकित बालियान हरियाणवी संगीत और सोशल मीडिया की दुनिया में पहचान रखते थे। उनके यूट्यूब चैनल पर 3.66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर बताए गए हैं। उनके कई वीडियो में वह गायक और कलाकार के तौर पर नजर आते थे।
पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और हमलावरों के भागने के रास्तों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं।अंकित बालियान की हत्या ने जहां शामली में आक्रोश पैदा किया है, वहीं अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पुलिस जांच के साथ-साथ अखिलेश यादव की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता वाले एंगल से जांच की मांग पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

