आजम खान से मिलने रामपुर जेल पहुंचे अखिलेश यादव, वीडियो में बोले- 'आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे'; पत्रकारों के सवाल पर भी भड़के
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। जेल प्रशासन की ओर से इस मुलाकात के लिए 45 मिनट का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन दोनों नेताओं के बीच करीब 1 घंटा 9 मिनट तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि रामपुर में रामराज्य की भावना को कुचला जा रहा है। उन्होंने आजम खान का समर्थन करते हुए कहा, "आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे। फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं कि उन्हें जेल में रख सकें।"
'रामपुर में रामराज्य की भावना को कुचला जा रहा है'
आजम खान से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने रामपुर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामपुर, जिसके नाम में ही राम है, वहां रामराज्य की भावना को मार दिया गया है। उनके मुताबिक, रामराज्य की भावना को कुचला जा रहा है।सपा प्रमुख ने इस दौरान आजम खान के समर्थन में भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि आजम खान की राजनीतिक पहचान और उनका अस्तित्व समाप्त नहीं किया जा सकता। अखिलेश ने दावा किया कि फर्जी मुकदमों के जरिए आजम खान को जेल में रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसे मुकदमे उन्हें लंबे समय तक जेल में नहीं रख सकते।
भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरो लगाया कि भ्रष्ट अधिकारी फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का हथियार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई के जरिए राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है।सपा अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि अब धीरे-धीरे अधिकारी भी साथ छोड़ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में इस दौरान किन विशिष्ट अधिकारियों या मामलों का जिक्र किया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।आजम खान के खिलाफ दर्ज मामलों और उनकी कानूनी स्थिति को लेकर सपा लगातार सवाल उठाती रही है। वहीं, इन मामलों में आरोपों और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
11 महीने बाद मुलाकात पर सवाल, पत्रकारों पर भड़के अखिलेश
आजम खान से मुलाकात के बाद पत्रकारों ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि उन्हें आजम खान से मिलने आने में 11 महीने क्यों लग गए। इस सवाल पर सपा प्रमुख नाराज हो गए और उन्होंने पत्रकारों को जवाब दिया।अखिलेश यादव ने कहा, "मेरी जानकारी में नहीं है कि किस चैनल का दाना लेकर आए हैं। लेकिन थोड़ी इज्जत दे दी तो सिर पर चढ़ गए।"उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद पत्रकारों के सवाल और अखिलेश यादव का जवाब चर्चा का विषय बन गया। मुलाकात के दौरान आजम खान के साथ हुई बातचीत के बा में अखिलेश ने विस्तार से जानकारी नहीं दी।
आजम खान के समर्थन में सपा प्रमुख का संदेश
रामपुर जेल में हुई इस मुलाकात को समाजवादी पार्टी और आजम खान के बीच राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने जिस तरह आजम खान का समर्थन किया और प्रशासन पर आरोप लगाए, उससे पार्टी का रुख स्पष्ट हुआ।हालांकि, 11 महीने बाद मुलाकात को लेकर उठे सवाल और पत्रकारों पर अखिलेश की टिप्पणी ने भी इस घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है। अब इस मुलाकात के बाद आजम खान के मामले और सपा की आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर होने वाली गतिविधियों पर नजर रहेगी।

