उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा के दौरान नकल और फर्जीवाड़े की कोशिशों पर इस बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली ने बड़ा प्रहार किया है। परीक्षा के दौरान विभिन्न जिलों में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर 11 लोगों को पकड़ा गया, जिनमें से 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 2 फरार बताए जा रहे हैं।
6 जिलों में हुई कार्रवाई
परीक्षा के दौरान लखनऊ, बरेली, चित्रकूट, जौनपुर, मिर्जापुर और हाथरस में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। एआई आधारित मॉनिटरिंग और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते नकल गिरोहों की योजनाएं नाकाम हो गईं।
9 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार
अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए 11 लोगों में से 9 को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, दो आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
AI तकनीक बनी बड़ी मदद
इस बार परीक्षा में एआई आधारित निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया गया, जिससे संदिग्ध चेहरों, असामान्य गतिविधियों और फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान करने में मदद मिली। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के उपयोग से परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
नकल माफिया के नेटवर्क की जांच
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनके तार किसी बड़े नकल गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
निष्पक्ष परीक्षा पर सरकार का जोर
राज्य सरकार और परीक्षा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तकनीकी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के जरिए नकल माफिया पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अभ्यर्थियों में बढ़ा भरोसा
एआई निगरानी के कारण फर्जीवाड़े के मामलों का खुलासा होने से ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों में भी भरोसा बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भी भर्ती परीक्षाओं में ऐसी तकनीकों का उपयोग परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएगा।
पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

