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आगरा डीएम का अनोखा निरीक्षण: चॉक लेकर खुद पढ़ाने लगे बच्चों को, मिड-डे मील भी चखा

प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की हकीकत परखने के लिए आगरा के जिलाधिकारी Manish Bansal ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब वे खुद बच्चों के बीच पहुंचकर चॉक उठाकर पढ़ाने लगे।  निरीक्षण के दौरान डीएम एक स्कूल में कक्षा के भीतर पहुंचे और ब्लैकबोर्ड पर “Village” शब्द लिखकर बच्चों से उसका अर्थ पूछा। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उनकी समझ और पढ़ाई के स्तर का भी आकलन किया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ सवालों के जवाब दिए।  इस दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों से भी पढ़ाई की प्रक्रिया, उपस्थिति और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  निरीक्षण का एक और खास पहलू मिड-डे मील की गुणवत्ता को परखना रहा। डीएम ने खुद मिड-डे मील का भोजन चखा और उसकी गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद स्टाफ को साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।  डीएम के इस अचानक निरीक्षण से स्कूल प्रशासन में हलचल देखी गई। वहीं, बच्चों के लिए यह अनुभव काफी अलग और यादगार रहा। कई छात्रों ने पहली बार किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को इस तरह सीधे पढ़ाते हुए देखा।  अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के औचक निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।  फिलहाल डीएम के इस सक्रिय और जमीनी निरीक्षण की चर्चा पूरे जिले में हो रही है।

प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की हकीकत परखने के लिए आगरा के जिलाधिकारी Manish Bansal ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब वे खुद बच्चों के बीच पहुंचकर चॉक उठाकर पढ़ाने लगे।

निरीक्षण के दौरान डीएम एक स्कूल में कक्षा के भीतर पहुंचे और ब्लैकबोर्ड पर “Village” शब्द लिखकर बच्चों से उसका अर्थ पूछा। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उनकी समझ और पढ़ाई के स्तर का भी आकलन किया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ सवालों के जवाब दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों से भी पढ़ाई की प्रक्रिया, उपस्थिति और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण का एक और खास पहलू मिड-डे मील की गुणवत्ता को परखना रहा। डीएम ने खुद मिड-डे मील का भोजन चखा और उसकी गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद स्टाफ को साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

डीएम के इस अचानक निरीक्षण से स्कूल प्रशासन में हलचल देखी गई। वहीं, बच्चों के लिए यह अनुभव काफी अलग और यादगार रहा। कई छात्रों ने पहली बार किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को इस तरह सीधे पढ़ाते हुए देखा।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के औचक निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

फिलहाल डीएम के इस सक्रिय और जमीनी निरीक्षण की चर्चा पूरे जिले में हो रही है।

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