मेरठ में विरोध के बाद लोहियानगर से रोडवेज ने वापस बुलाईं बसें, MDA की जमीन पर बने बस अड्डे पर 38 दिन से किसानों का धरना
मेरठ के लोहियानगर में मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) की जमीन पर बने अस्थायी बस अड्डे को लेकर किसानों का विरोध लगातार जारी है। किसानों के प्रदर्शन के बीच रोडवेज ने बस अड्डे पर खड़ी कराई गई बसों को वापस बुला लिया है। जमीन और मुआवजे से जुड़ी मांगों को लेकर किसान पिछले 38 दिनों से धरने पर बैठे हैं। विरोध के बाद बसों को हटाए जाने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
38 दिन से धरने पर बैठे हैं किसान
लोहियानगर में किसान MDA के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का विरोध जमीन और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। 38 दिन बीतने के बाद भी धरना जारी है। किसान अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं।
प्राधिकरण की जमीन पर बना है बस अड्डा
लोहियानगर में MDA की जमीन पर बस अड्डा बनाया गया था, जहां रोडवेज की बसें खड़ी कराई जा रही थीं। इसी बीच किसानों का विरोध जारी रहा। विरोध के बाद रोडवेज ने वहां खड़ी बसों को वापस बुला लिया। हालांकि, बसों को वापस बुलाने का आधिकारिक कारण और उन्हें किस स्थान पर भेजा गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जमीन और मुआवजे को लेकर विवाद
किसानों और प्राधिकरण के बीच जमीन तथा मुआवजे से जुड़े मुद्दे इस धरने की प्रमुख वजह बताए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रभावित किसानों की मांगों और प्राधिकरण के पक्ष को सुनकर समाधान निकालना महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल किसानों की सभी मांगों और MDA की ओर से की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
बसों को वापस बुलाए जाने के बावजूद किसानों का धरना जारी है। अब इस मामले में किसानों और MDA के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी। प्रशासनिक स्तर पर समाधान निकलने से लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल लोहियानगर में किसानों का आंदोलन 38वें दिन भी जारी है और विरोध के बाद रोडवेज ने अस्थायी बस अड्डे से बसें वापस बुला ली हैं।

