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सुल्तानपुर में अस्पताल में तोड़फोड़ और हमला करने वाले आरोपी को नहीं मिली जमानत, CHC अधीक्षक पर रॉड से किया था वार

सुल्तानपुर में अस्पताल में तोड़फोड़ और हमला करने वाले आरोपी को नहीं मिली जमानत, CHC अधीक्षक पर रॉड से किया था वार

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तोड़फोड़ और स्वास्थ्यकर्मी पर हमला करने के मामले में आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोप है कि युवक ने अस्पताल में घुसकर बीपी मशीन तोड़ी, रजिस्टर फाड़े और CHC अधीक्षक पर रॉड से हमला किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत न देने की मांग की। कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका अस्वीकार कर दी।

CHC में किया था हंगामा

जानकारी के अनुसार, घटना सुल्तानपुर के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है। आरोप है कि आरोपी युवक अस्पताल परिसर में पहुंचा और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ विवाद करने लगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर अस्पताल की मशीनों और दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाया।

आरोपी पर बीपी मशीन तोड़ने और रजिस्टर फाड़ने का आरोप लगाया गया है। अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही उसने स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक पर भी हमला किया।

रॉड से किया था हमला

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने CHC अधीक्षक पर लोहे की रॉड से वार किया था। हमले में अधीक्षक को चोटें आई थीं। घटना के बाद अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया था।

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था।

कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

आरोपी की ओर से अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया गया था। बचाव पक्ष ने आरोपी को राहत देने की मांग की, लेकिन अभियोजन पक्ष ने घटना को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया।

अदालत ने मामले में उपलब्ध तथ्यों, आरोपों की प्रकृति और सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में हुई घटना को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ विवाद और हमले की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है, ताकि वे बिना डर के मरीजों को सेवाएं दे सकें।

फिलहाल आरोपी जेल में रहेगा और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अदालत के फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग और कर्मचारियों ने राहत महसूस की है कि मामले में आरोपी को तत्काल जमानत नहीं मिली।

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