नोएडा में धधकती स्लीपर बस से यात्रियों को बचाने में जुटा युवक, अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को बाहर निकाला
नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस अचानक आग का गोला बन गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसे के दौरान बस में सवार जालौन के हासिर खान ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।
बस में आग लगने के बाद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कुछ ही समय में आग इतनी तेजी से फैल गई कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पा रहा था। ऐसे मुश्किल वक्त में हासिर खान ने हिम्मत दिखाई और बस में फंसे लोगों की मदद करने के लिए आगे बढ़े।
आग की लपटों के बीच यात्रियों को निकालने की कोशिश
हादसे के बाद बस के अंदर अफरा-तफरी का माहौल था। यात्रियों को समझ नहीं आ रहा था कि किस तरफ से बाहर निकला जाए। आग लगातार फैल रही थी और धुएं के कारण बस के अंदर सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान हासिर खान ने फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया।
उन्होंने जोखिम उठाकर आग की चपेट में आई बस के अंदर जाने की कोशिश की और यात्रियों को बाहर निकलने में मदद की। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई लोगों की जान बचाने में मदद की। हादसे के बाद उनके इस साहस की चर्चा हो रही है।
9 यात्रियों की मौत, कई घायल
हादसे में 9 यात्रियों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई यात्री आग और हादसे में घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया। इसके बाद बस के अंदर और आसपास राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
बस में सवार थे अलग-अलग जिलों के यात्री
बताया जा रहा है कि बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। यात्रियों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लोग शामिल थे। रात के समय हुए हादसे के कारण बचाव अभियान में भी मुश्किलें आईं।
घटना के बाद पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। आग किस वजह से लगी और इतनी तेजी से पूरी बस में कैसे फैल गई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा बस में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
हासिर खान की हिम्मत ने खींचा ध्यान
इस हादसे में जहां कई परिवारों ने अपने लोगों को खो दिया, वहीं हासिर खान की हिम्मत ने लोगों का ध्यान खींचा है। आग से घिरी बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना बेहद जोखिम भरा था, लेकिन उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना मदद करने की कोशिश की।
हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में बचाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यात्रियों के लिए आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल पुलिस हादसे की जांच में जुटी है और घायलों का उपचार कराया जा रहा है

