गाजीपुर में सांसद अफजाल अंसारी और पुलिस अधिकारियों के बीच नेशनल हाईवे पर तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर गाजीपुर से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के बीच नेशनल हाईवे पर तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है। वीडियो में सांसद अफजाल अंसारी, सीओ सिटी शेखर सिंगर और सदर कोतवाल महेंद्र सिंह आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
सांसद अफजाल अंसारी का आरोप है कि वह दिशा की बैठक में भाग लेने के लिए जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी को अचानक हाईवे पर रोका गया। सांसद का कहना है कि पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट वजह के रोक-टोक की, जिससे उन्हें गंभीर असुविधा और मानसिक तनाव हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई से उनकी गरिमा और सांसद के अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
वहीं, वीडियो में नजर आ रहे पुलिस अधिकारी इस आरोप से इंकार करते दिख रहे हैं। उनका कहना है कि हाईवे पर वाहन को रोकना केवल सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि किसी भी सांसद या आम नागरिक के साथ अनावश्यक दुर्व्यवहार कतई नहीं किया गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गाजीपुर में इस घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार के वीडियो आम जनता और मीडिया में संसदीय और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो में दिख रही नोकझोंक से यह साफ होता है कि कभी-कभी हाईवे पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासनिक आदेशों के बीच संवादहीनता और गलतफहमी पैदा हो जाती है। वीडियो में सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस के बाद हालात शांत होते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया मांगने लगे हैं।
इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों में भी हलचल है। कुछ नेता सांसद अफजाल अंसारी के पक्ष में खड़े हैं और इसे सांसदों के अधिकारों का उल्लंघन मान रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि नियम और सुरक्षा प्रोटोकॉल सभी के लिए समान हैं और किसी भी अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन नहीं किया।
गाजीपुर पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि वीडियो में दिख रही घटना की पूरी तरह जांच की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की गलतफहमियों से बचने के लिए सभी सुरक्षा और यातायात उपायों को और स्पष्ट रूप से लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सवाल और बहस पैदा कर सकते हैं। ऐसे मामलों में आम जनता, मीडिया और संबंधित अधिकारियों को संयम और तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर स्थिति को समझना चाहिए।
कुल मिलाकर, गाजीपुर हाईवे पर सांसद अफजाल अंसारी और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई यह नोकझोंक न केवल वीडियो के माध्यम से सुर्खियों में आई है, बल्कि यह प्रशासन और राजनीतिक नेताओं के सांप्रदायिक और कार्यप्रणाली संबंधी व्यवहार पर भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। वीडियो के वायरल होने के बाद सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और सांसद किस तरह मामले को हल करते हैं और आगे ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

