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काशी में अनोखी परंपरा, वीडियो में देंखे भीषण गर्मी के बीच बाबा विश्वनाथ का गंगा जल से “अटूट जलाभिषेक” जारी

काशी में अनोखी परंपरा, वीडियो में देंखे भीषण गर्मी के बीच बाबा विश्वनाथ का गंगा जल से “अटूट जलाभिषेक” जारी

देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी काशी से आस्था और परंपरा की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। बढ़ते तापमान और गर्मी के प्रकोप से जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा के तहत भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक किया जा रहा है। करीब 300 साल पुरानी इस परंपरा के अनुसार, हर वर्ष गर्मियों के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में “जलधारी” (फव्वारा प्रणाली) लगाई जाती है, जिसके माध्यम से लगातार गंगा जल की धारा से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया जाता है। यह व्यवस्था विशेष रूप से गर्मी के मौसम में भगवान को शीतलता प्रदान करने की भावना के साथ की जाती है।

मंदिर के अर्चक श्रीकांत के अनुसार, अक्षय तृतीया के बाद गर्मी का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए परंपरागत रूप से यह जलधारी स्थापित की जाती है, जिससे निरंतर गंगा जल की धारा गर्भगृह में प्रवाहित होती रहती है और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाता है। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार मध्यान भोग आरती के बाद से लेकर पूरे दोपहर तक इस जलधारी के माध्यम से निरंतर जलाभिषेक चलता रहता है। यह प्रक्रिया भक्तों की आस्था और धार्मिक भावनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिसमें भगवान शिव को शीतलता प्रदान करने का प्रतीकात्मक प्रयास किया जाता है।

भीषण गर्मी के इस दौर में, जब तापमान कई राज्यों में 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, काशी विश्वनाथ मंदिर की यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनकर उभर रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति, मौसम और आस्था के बीच गहरा संबंध है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस तरह की परंपराएं न केवल धार्मिक महत्व रखती हैं, बल्कि भक्तों को आस्था से जोड़कर मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करती हैं। मंदिर में आने वाले भक्त इस दृश्य को विशेष रूप से भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव के रूप में देखते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर की यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और नियमों के साथ निभाई जा रही है, जैसे सदियों पहले शुरू की गई थी, और हर साल गर्मियों में यह आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

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