KGMU की कार्यपरिषद की विशेष बैठक 6 नवंबर को, STF रिपोर्ट में नामजद डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर होगी चर्चा
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण और कथित लव जिहाद के आरोपों से जुड़े मामले में 6 नवंबर को कार्यपरिषद (EC) की विशेष बैठक बुलाई गई है। बैठक में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की रिपोर्ट में नामजद डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा होगी। इस बैठक में विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद सदस्य शामिल होंगे।
मामले को लेकर KGMU में प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज है। STF की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सामने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का विषय रखा जाएगा। बैठक में रिपोर्ट और उसमें दर्ज तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
STF रिपोर्ट के बाद बुलाई गई विशेष बैठक
KGMU से जुड़े धर्मांतरण और कथित लव जिहाद के आरोपों की जांच STF कर रही थी। जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में कुछ डॉक्टरों के नाम शामिल होने की बात सामने आई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 6 नवंबर को कार्यपरिषद की विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।
बैठक का प्रमुख एजेंडा STF रिपोर्ट में नामजद डॉक्टरों के मामले और उनके खिलाफ संभावित कार्रवाई पर चर्चा करना है। कार्यपरिषद इस विषय पर उपलब्ध तथ्यों और संबंधित नियमों के आधार पर विचार कर सकती है।
कार्यपरिषद में सभी संबंधित सदस्यों की भागीदारी
बैठक में कार्यपरिषद के सदस्य शामिल होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिन सदस्यों की भूमिका और सदस्यता परिषद में है, वे बैठक का हिस्सा होंगे। बैठक में कुछ ऐसे प्रोफेसरों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है, जिनको लेकर विवादित टिप्पणियां की गई हैं।
हालांकि, किसी प्रोफेसर को आधिकारिक रूप से 'हिंदू विरोधी' घोषित किए जाने या इस संबंध में किसी निष्कर्ष की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए इस तरह के आरोपों को जांच में सामने आए तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर रहेगी नजर
6 नवंबर की बैठक में होने वाली चर्चा पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की नजर रहेगी। STF रिपोर्ट में नामजद डॉक्टरों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाता है, यह बैठक के बाद स्पष्ट हो सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में रिपोर्ट में शामिल डॉक्टरों के नाम, उन पर लगाए गए विशिष्ट आरोप, KGMU प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और बैठक के संभावित निर्णयों का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में कार्रवाई को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।

