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प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, फुटेज में देंखे 7 की मौत और 22 झुलसे; 3 मकान जमींदोज

प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, फुटेज में देंखे 7 की मौत और 22 झुलसे; 3 मकान जमींदोज

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी जिले की सीमा पर सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुए इस हादसे में 2 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोग झुलस गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पूरी पटाखा फैक्ट्री जमींदोज हो गई। आसपास बने मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस और प्रशासन को आशंका है कि मलबे में कुछ लोग दबे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

दोपहर साढ़े 12 बजे हुआ जोरदार धमाका

जानकारी के मुताबिक, हादसा सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुआ। यह गांव प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर स्थित है। यहां से मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन की दूरी करीब 2 किलोमीटर है। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।विस्फोट के बाद कुछ ही देर में पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। पटाखों के कारण फैक्ट्री में लगातार धमाके होते रहे, जिससे राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें आईं। घटना के बाद आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

100 मीटर के दायरे में 8 मकान क्षतिग्रस्त

पुलिस के मुताबिक, विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री पूरी तरह ढह गई। इसके आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से 3 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं।हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के एक मकान की तीसरी मंजिल में करीब 8 फीट बड़ा छेद हो गया। विस्फोट से घरों में मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई और कई लोग घायल हुए।

200 जवान रेस्क्यू में जुटे

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF के करीब 200 जवान राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं। मलबे को हटाने के लिए 10 बुलडोजर लगाए गए हैं।रेस्क्यू टीमों की प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों की तलाश करना है। पुलिस को आशंका है कि फैक्ट्री और आसपास के जमींदोज मकानों के मलबे के नीचे कुछ लोग दबे हो सकते हैं। इसी वजह से मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

हादसे के वक्त फैक्ट्री में थे 20 मजदूर

बताया जा रहा है कि विस्फोट के समय पटाखा फैक्ट्री में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। आसपास के घरों में मौजूद कुछ लोग भी इसकी चपेट में आ गए। झुलसे लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।हादसे के बाद सामने आए दृश्यों में ग्रामीण झुलसे लोगों को चारपाई पर ले जाते हुए दिखाई दिए। इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन की टीमें मलबे में किसी के फंसे होने की संभावना को देखते हुए बेहद सावधानी से तलाशी अभियान चला रही हैं।फिलहाल पुलिस और राहत टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

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