लखनऊ-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार कार हादसा, 6 साल के बच्चे की मौत, आरोपी छात्र गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को रौंद दिया, जिसमें छह साल के बच्चे दीक्षांत पटेल की मौत हो गई। इसके अलावा चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब 12वीं के छात्र अपनी कार से हाईवे पर तेज रफ्तार में जा रहा था। अचानक उसने नियंत्रण खो दिया और महिलाओं और बच्चों समेत राहगीरों को टक्कर मार दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल लोगों को अस्पताल भेजा गया। वहीं मृतक बच्चे की मौत की पुष्टि हो गई। स्थानीय लोग और राहगीर हादसे को देखकर हैरान और आक्रोशित हो गए।
पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी बालिग है और लखनऊ के बक्शी के तालाब इलाके का रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में छात्र ने हादसे की जिम्मेदारी स्वीकारी है और कहा कि वह कार की तेज रफ्तार को नियंत्रित नहीं कर पाया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना युवाओं में वाहन की गति और जिम्मेदारी की कमी का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से अपील की कि ऐसे तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इसी तरह के हादसे रोके जा सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना अक्सर भयानक और जानलेवा हादसों का कारण बनती है। उन्होंने माता-पिता और परिवारों से अपील की है कि युवा वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के नियम सिखाएं और समय पर मार्गदर्शन दें। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जल्द ही पूरी की जाएगी। हादसे में मृतक बच्चे के परिवार को पुलिस ने सहायता और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और जिम्मेदार ड्राइविंग के महत्व को उजागर किया है। विशेषज्ञों और प्रशासन का कहना है कि हाईवे और शहर की सड़कों पर नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि मासूम बच्चों और आम लोगों की जान सुरक्षित रह सके। इस प्रकार, लखनऊ-कानपुर हाईवे पर 12वीं के छात्र द्वारा तेज रफ्तार कार चलाने से हुई यह घटना सड़कों पर असावधानी और जिम्मेदारी की कमी के लिए चेतावनी बन गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि हादसे के जिम्मेदारों को कानूनी दंड मिले और भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

