बीटा 2 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर P3 में स्थित केबी हेल्थ केयर सेंटर में मंगलवार को एक 6 साल के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्चा एमआरआई कराने के लिए सेंटर आया था। घटना के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश फैल गया और उन्होंने हेल्थ केयर प्रबंध पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
परिजन का आरोप है कि सेंटर के डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का गलत इंजेक्शन दिया, जिससे उनके बच्चे की जान चली गई। उन्होंने सेंटर प्रबंधन से स्पष्टीकरण और कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत करने का प्रयास किया।
हालांकि पुलिस ने परिजनों को समझाया कि मामले की तत्काल जांच की जाएगी, लेकिन परिजन सख्त बने रहे और डॉक्टर तथा सेंटर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुआवजे या आश्वासन से काम नहीं चलेगा, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी मौके का दौरा किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद कहा कि घटना की पूरी पड़ताल की जाएगी। इसके लिए सेंटर के मेडिकल रिकॉर्ड, एमआरआई रिपोर्ट और एनेस्थीसिया के उपयोग के दस्तावेज को तत्काल कब्जे में लिया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के एमआरआई और अन्य मेडिकल प्रक्रियाओं में एनेस्थीसिया का इस्तेमाल अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी मेडिकल सेंटर में बच्चे का इलाज कराने से पहले सर्टिफाइड डॉक्टर और लाइसेंसधारी सेंटर का चयन करें।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा और मानक का पालन अत्यंत जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए कोई भी मेडिकल प्रक्रिया जोखिम रहित और नियंत्रित वातावरण में होनी चाहिए।
परिवार ने कहा कि उनका मकसद केवल न्याय पाना है और वे सिर्फ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने सेंटर प्रबंधन से भी अपील की कि वह सहयोग करें और दोषियों को छुपाने की कोशिश न करें।
कुल मिलाकर, ग्रेटर नोएडा में यह घटना स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चे की मौत ने परिजनों और स्थानीय लोगों को गहरे आघात में डाल दिया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब मामले की गहन जांच में जुटे हैं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

