लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर बजाई सिटी
लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे और करीब 45 मिनट तक सिटी बजाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द नियुक्ति देने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना था कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया को लेकर वे परेशान हैं और अब उनके सामने अपने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं। उनका कहना था कि शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में सरकार को जल्द स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है। इसी को लेकर उन्होंने शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने करीब 45 मिनट तक सिटी बजाकर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों से जुड़े नारे भी लगाए और नियुक्ति की मांग दोहराई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती उनके लिए सिर्फ एक सरकारी नौकरी का मामला नहीं है, बल्कि उनके कई वर्षों के इंतजार और मेहनत से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण वे मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि मामले का जल्द समाधान करते हुए पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने बेहद भावुक नारे भी लगाए। उन्होंने कहा, “नियुक्ति मिलेगी या अर्थी उठेगी।” इस नारे के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराजगी और लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को जाहिर किया। हालांकि, ऐसे बयान को लेकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा रही।
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन भी सतर्क रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन और बातचीत के जरिए समाधान की मांग की।
68,500 शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों की ओर से अलग-अलग स्तर पर मांगें उठाई जाती रही हैं। अब एक बार फिर प्रदर्शन के जरिए अभ्यर्थियों ने सरकार से इस मामले में ठोस कदम उठाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक नियुक्ति को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रह सकता है।
फिलहाल अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है। अभ्यर्थी नियुक्ति को लेकर जल्द निर्णय की मांग कर रहे हैं।

