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बस्ती में आज 643 दुर्गा प्रतिमाओं का होगा विसर्जन, सुरक्षा से लेकर घाट तक प्रशासन ने तेज की तैयारियां

बस्ती में आज 643 दुर्गा प्रतिमाओं का होगा विसर्जन, सुरक्षा से लेकर घाट तक प्रशासन ने तेज की तैयारियां

उत्तर प्रदेश के बस्ती में सोमवार को 643 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन और नगर पालिका की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। विसर्जन मार्ग से लेकर घाट तक श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। विसर्जन के दौरान निकलने वाले जुलूसों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए भी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए प्रशासन का जोर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए अहम होगा।

विसर्जन मार्ग और घाटों पर इंतजाम

नगर पालिका की ओर से विसर्जन मार्गों और घाटों पर जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए रास्तों की स्थिति, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासन की कोशिश है कि प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।

जुलूसों के दौरान सुरक्षा पर रहेगा जोर

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान विभिन्न स्थानों से जुलूस निकाले जाएंगे। इन जुलूसों में श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण महत्वपूर्ण रहेगा। मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और घाटों पर सावधानी बरतने की अपील की जा सकती है। विशेष रूप से जलाशयों के किनारे भीड़ को नियंत्रित रखना और सुरक्षित तरीके से विसर्जन कराना जरूरी होगा।

शांतिपूर्ण आयोजन के लिए तैयारियां

643 प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियों का उद्देश्य धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। विसर्जन मार्ग से लेकर घाट तक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के धार्मिक परंपरा में शामिल हो सकें।

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