लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास, अलग-अलग गांवों में बसाया गया
उत्तर प्रदेश सरकार की पुनर्वास योजना के तहत लखीमपुर खीरी जिले में बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को अलग-अलग तहसीलों के गांवों में बसाया गया है। यह कदम वर्षों पहले किए गए पुनर्वास कार्यक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसके तहत इन परिवारों को स्थायी रूप से बसने की सुविधा दी गई।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। विस्थापित परिवारों को जिले की विभिन्न तहसीलों के गांवों में बसाया गया है, जहां वे अब स्थायी रूप से निवास कर रहे हैं।
धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवारों को बसाया गया है। वहीं मोहम्मदी तहसील के ग्राम मोहनपुर ग्रांट में 41 परिवारों को पुनर्वासित किया गया है। इसके अलावा मियांपुर गांव में सबसे अधिक 156 परिवारों को जगह दी गई है। गोला तहसील के ग्राम ग्रांट नंबर-3 में भी 37 परिवारों को बसाया गया है।
प्रशासन के अनुसार, इन परिवारों को न केवल आवासीय सुविधा दी गई बल्कि समय के साथ उन्हें स्थानीय समाज और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास भी किए गए। कई परिवार अब खेती और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह पुनर्वास योजना लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विस्थापित परिवारों को सुरक्षित और स्थायी जीवन उपलब्ध कराना है। इन परिवारों को बुनियादी सुविधाएं जैसे आवास, राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, समय के साथ इन परिवारों का स्थानीय समाज में मेलजोल बढ़ा है और वे अब गांव के सामाजिक और आर्थिक ढांचे का हिस्सा बन चुके हैं।
फिलहाल, प्रशासन इन परिवारों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी ध्यान दे रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सामान्य जीवन जी सकें।

