जून तक लखनऊ की 204 ग्राम पंचायतें होंगी टीबी मुक्त, सीएचसी प्रभारियों को दी गई जिम्मेदारी
अब राजधानी में टीबी अभियान जून तक चलेगा। इसमें टीमें ग्राम पंचायत में जाकर लोगों की जांच करेंगी। इसके लिए सभी सीएचसी प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जून तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में छिपे टीबी मरीजों को खोजने के लिए अभियान चलाया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाना होगा।
लखनऊ में टीबी से मुक्ति के लिए 100 दिवसीय अभियान चलाया गया। इसमें छिपे हुए टीबी मरीजों का पता लगाया गया और उनका इलाज शुरू किया गया। भारत सरकार ने अब इस अभियान को विस्तार देने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को लखनऊ की 204 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया गया है। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। इसमें सभी सीएचसी प्रभारियों को नोडल बनाया गया है, जिनकी देखरेख में यह अभियान चलेगा।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि सरोजनी नगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा 62 ग्राम पंचायतें हैं। छिपे हुए मरीजों को खोजने और उनकी जांच के लिए गांवों में टीमें भेजी जाएंगी। यदि परीक्षण में टीबी की पुष्टि हो जाती है तो उन्हें डॉट्स केंद्र में पंजीकृत किया जाएगा और दवा शुरू कर दी जाएगी।
अभियान के 100 दिन में मिले 7522 मरीज
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि जिले में 100 दिन तक टीबी अभियान चलाया गया। इनमें से 9,520 टीबी रोगी पाए गए। इनमें से 7522 मरीज लखनऊ के थे। इन सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। निगरानी के लिए आशा-एएनएम को तैनात किया गया है। बताया कि मरीजों का रिकार्ड दूसरे जिले के सीएमओ को भेजकर संबंधित जिले में दवा शुरू करा दी गई है।

