आंखों पर पट्टी बांधकर 180 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा, शिवभक्त सुनील भोला ने दिया अनोखा संदेश
सावन की पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर में शुक्रवार देर रात आस्था के साथ एक अनोखा सामाजिक संदेश भी देखने को मिला। हरिद्वार की प्रसिद्ध हरकी पौड़ी से गंगाजल लेकर निकले शिवभक्त सुनील भोला ने अपनी श्रद्धा और संकल्प से सभी का ध्यान आकर्षित किया। सुनील भोला आंखों पर पट्टी बांधकर करीब 180 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं।
सुनील भोला का कहना है कि उनकी यह यात्रा केवल भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास भी है। आंखों पर पट्टी बांधकर यात्रा करने के पीछे उनका उद्देश्य लोगों को आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ संकल्प की ताकत का अहसास कराना है।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले सुनील भोला ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी यात्रा जारी रखी। कांवड़ मार्ग पर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके इस अनोखे प्रयास को देखकर उनका उत्साह बढ़ाया। कई जगहों पर लोगों ने उनका स्वागत किया और उनके साहस की सराहना की।
सावन महीने में हर साल लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार समेत विभिन्न तीर्थ स्थानों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों तक पहुंचते हैं। इस दौरान कांवड़ यात्रा में भक्ति, अनुशासन और सेवा की भावना देखने को मिलती है। लेकिन सुनील भोला की यह यात्रा अपनी अलग पहचान बना रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आंखों पर पट्टी बांधकर इतनी लंबी दूरी तय करना आसान नहीं है। इसके लिए मानसिक मजबूती, अभ्यास और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सुनील भोला ने अपने इस संकल्प के जरिए श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि अगर इंसान के अंदर विश्वास और इच्छाशक्ति हो तो वह कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल कर सकता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं।
सुनील भोला की यह अनोखी कांवड़ यात्रा अब श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी आंखों पर बंधी पट्टी केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि विश्वास और समर्पण का प्रतीक बन गई है। उनकी यात्रा ने सावन की भक्ति में एक नया सामाजिक संदेश जोड़ दिया है।

