गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने 18 सीनियर छात्रों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की थी। 28 मई 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इन छात्रों को एक महीने के लिए हॉस्टल और कक्षाओं से निलंबित किया गया और प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, जूनियर छात्रों के विंग में लगे पांच सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने का मामला भी सामने आया था।
जूनियर छात्रों से रैगिंग की शिकायत
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामला एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़ा था। शिकायत राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) तक पहुंचने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच के दौरान छात्रों से पूछताछ की गई और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई।
कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग रोकने और हॉस्टल की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कार्रवाई की। सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने की घटना के बाद कैमरे दोबारा लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय भी लिया गया।
रैगिंग को लेकर मेडिकल कॉलेजों में सख्त नियम लागू हैं। ऐसे मामलों में छात्रों के खिलाफ निलंबन, जुर्माना और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की यह कार्रवाई भी जूनियर छात्रों की सुरक्षा और परिसर में अनुशासन बनाए रखने के प्रयासों के रूप में देखी गई।

