चंबल नहर में बहकर आईं 12 मृत गायें, किसानों और किसान यूनियन ने जांच की मांग की
राजस्थान के जैतपुर के मुकुटपुरा गांव के पास रविवार की रात एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। चंबल नहर में बहकर आईं 12 मृत गायें गांव के पुलिया के पास फंस गईं। ग्रामीणों ने जब नहर का निरीक्षण किया और पानी का बहाव रुकने पर स्थिति का जायजा लिया, तो यह भयावह नजारा सामने आया।
सूचना मिलने पर पुलिस ने रात में ही मौके पर पहुंचकर मृत गायों को सुरक्षित तरीके से जमीन में दफन कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गायों की मौत कैसे हुई और उन्हें नहर में कैसे बहाया गया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि नहर में बहकर आने वाली मृत गायों की घटना ने गांव में सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने बताया कि नहर के पानी का उपयोग सिंचाई और पशुपालन के लिए भी किया जाता है, इसलिए ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आशंका बढ़ती है।
इस घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (सर्वोदय) ने भी संज्ञान लिया। संगठन के पदाधिकारियों ने तुरंत एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूनियन ने कहा कि यह केवल पशुओं की मौत का मामला नहीं है, बल्कि इससे नहर के पानी और स्थानीय किसानों के जीवन पर भी असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नहरों और जल स्रोतों में इस तरह की घटनाएं अक्सर असुरक्षित पानी प्रवाह, निगरानी की कमी और पर्यावरणीय समस्याओं के कारण होती हैं। उनका कहना है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन को नहरों के किनारों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए और पशुओं और लोगों की सुरक्षा के लिए उपाय करने चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला यह दिखाता है कि नहरों और जल मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है। यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में इससे और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृत गायों की संख्या और घटनास्थल के आधार पर प्रारंभिक जांच की जा रही है। शवों के नमूनों का परीक्षण कर यह पता लगाया जाएगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या किसी अन्य कारण से। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि नहर में बहाकर उन्हें किसने या क्यों छोड़ा।
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या समस्या की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।
इस प्रकार, चंबल नहर में बहकर आईं मृत गायों की घटना ने जैतपुर और आसपास के गांवों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीण, किसान संगठन और प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय हैं।

