कस्बा और आसपास के गांवों में शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली। करीब साढ़े 4 बजे आसमान में घने बादल छा गए और बिजली की तेज चमक के साथ गड़गड़ाहट शुरू हो गई। इसके बाद शाम लगभग 7 बजे करीब 10 मिनट तक क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई।
अचानक हुई इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पहले से काटकर रखी गई गेहूं, जौ और चने की फसलें बारिश के कारण पूरी तरह भीग गईं। कई स्थानों पर फसलें खुले में पड़ी होने से नुकसान की आशंका और बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि वे पहले ही फसल कटाई और मंडी में बिक्री की तैयारी में लगे थे, लेकिन अचानक हुए मौसम बदलाव ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। भीगी हुई फसलों के कारण गुणवत्ता पर असर पड़ने और दाम कम मिलने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि तेज बारिश के दौरान कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी बनी, जिससे फसलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना मुश्किल हो गया। कुछ किसानों ने तुरंत तिरपाल और अन्य साधनों से फसल बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव स्थानीय स्तर पर बने मौसमीय सिस्टम और नमी के कारण हुआ है, जिससे अचानक तेज बारिश के हालात बने।
कुल मिलाकर, इस बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेरते हुए उनकी आर्थिक चिंता को और बढ़ा दिया है।

