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केरल विधानसभा चुनाव: एग्जिट पोल में सत्ता परिवर्तन के संकेत, UDF को बढ़त का अनुमान

केरल विधानसभा चुनाव: एग्जिट पोल में सत्ता परिवर्तन के संकेत, UDF को बढ़त का अनुमान

केरल विधानसभा चुनाव को लेकर सामने आए एग्जिट पोल ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी आंकड़ों में इस बार सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। एग्जिट पोल के मुताबिक, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) पिछड़ता नजर आ रहा है।

एग्जिट पोल के अनुमानों के अनुसार, UDF को बहुमत के करीब या उससे ऊपर सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। राज्य की 140 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 71 सीटों की जरूरत होती है। कई सर्वेक्षणों में UDF को 75 से 85 सीटों के बीच मिलता दिखाया गया है, जबकि LDF को 50 से 65 सीटों तक सीमित रहने का अनुमान है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA को कुछ सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है, लेकिन सरकार बनाने की स्थिति में वह नजर नहीं आ रही।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार केरल में मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में वोट किया है। बेरोजगारी, महंगाई और राज्य सरकार की कुछ नीतियों को लेकर जनता में असंतोष देखने को मिला, जिसका फायदा UDF को मिल सकता है। इसके अलावा, स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों की छवि ने भी चुनाव परिणामों को प्रभावित किया है।

हालांकि, सत्तारूढ़ LDF ने एग्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुए दावा किया है कि वास्तविक परिणाम उनके पक्ष में आएंगे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास के क्षेत्र में कई अहम काम किए हैं और जनता एक बार फिर उन्हें मौका देगी। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने एग्जिट पोल के रुझानों का स्वागत करते हुए इसे जनता के बदलाव के मूड का संकेत बताया है।

बीजेपी ने भी अपने प्रदर्शन को लेकर उम्मीद जताई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केरल में उनका जनाधार धीरे-धीरे बढ़ रहा है और इस बार वे पिछले चुनावों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

गौरतलब है कि केरल में परंपरागत रूप से सत्ता LDF और UDF के बीच बदलती रही है। पिछले चुनाव में LDF ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। ऐसे में अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं, तो यह एक बार फिर राज्य की राजनीति में बदलाव का संकेत होगा।

अब सभी की नजरें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि एग्जिट पोल के अनुमान कितने सही साबित होते हैं। तब तक के लिए राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत के दावे करते नजर आ रहे हैं और राज्य में सियासी सरगर्मी चरम पर बनी हुई है।

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