राजस्थान उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश (सीजे) का पद बीते करीब छह महीने से खाली पड़ा है, और अब इसी सप्ताह इस रिक्ति को पूरा होने के छह माह पूरे होने जा रहे हैं। इस स्थिति को लेकर न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों पर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि केंद्रीय विधि मंत्री का संबंध भी राजस्थान से बताया जाता है, इसके बावजूद अब तक सीजे की नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर राजस्थान हाईकोर्ट को अपना मुख्य न्यायाधीश कब मिलेगा।
न्यायिक विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होती है, जिसमें कई स्तरों पर विचार-विमर्श और सहमति की आवश्यकता होती है। इसमें सर्वोच्च न्यायपालिका और केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
इस पद के लंबे समय से खाली रहने से प्रशासनिक कार्यों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हाईकोर्ट का कार्य सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन स्थायी नेतृत्व की अनुपस्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस तरह की देरी से न्यायिक प्रक्रिया की गति और प्रभावशीलता पर असर पड़ सकता है। इसलिए जल्द से जल्द इस पद पर नियुक्ति होना जरूरी माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाएं इस पर कब तक निर्णय लेती हैं और राजस्थान उच्च न्यायालय को नया मुख्य न्यायाधीश मिलता है।
कुल मिलाकर, यह मामला अब चर्चा का विषय बन चुका है और न्यायिक व्यवस्था में नेतृत्व की नियुक्ति को लेकर जल्द फैसले की उम्मीद की जा रही है।

