सलूम्बर जिले में 6 दिन में 5 बच्चों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, चिकित्सा विभाग हाई-अलर्ट पर
राजस्थान के नवगठित सलूम्बर जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां दो गांवों में पिछले छह दिनों के भीतर पांच मासूम बच्चों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है, जबकि प्रशासनिक और स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उनकी स्थिति तेजी से गंभीर होती गई। परिजनों ने उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। लगातार हो रही इन मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और लोग इसे किसी गंभीर संक्रमण से जोड़कर देख रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए भजनलाल शर्मा ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया है और स्वास्थ्य विभाग को हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जयपुर से लेकर उदयपुर तक चिकित्सा महकमा हाई-अलर्ट पर है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में पहुंचकर घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। साथ ही पानी के स्रोतों, खाद्य सामग्री और संभावित संक्रमण के कारणों की जांच की जा रही है। बच्चों के सैंपल लेकर प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं, ताकि बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी भी एक कारण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल संक्रमण, जलजनित बीमारी या मौसमी संक्रमण जैसी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गांवों में मेडिकल कैंप स्थापित कर दिए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बच्चों में बुखार, उल्टी और कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे थे, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। अचानक हुई मौतों से लोग भयभीत हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। साथ ही स्वच्छ पेयजल के उपयोग और साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इन मौतों के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

