किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, “डॉक्टर साहब” के नाम से पहचान बनाकर चला रहा था नेटवर्क
किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस के अनुसार इस पूरे अवैध नेटवर्क का मास्टरमाइंड और किंगपिन शिवम अग्रवाल (काना) को बताया गया है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से इस संगठित रैकेट को संचालित कर रहा था और लोगों को अपने जाल में फंसाने का काम करता था।
जानकारी के अनुसार, आरोपी कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र स्थित गोवा गार्डन में एक साधारण से मकान में किराए पर रहता था। उसकी बाहरी छवि बेहद सामान्य थी, जिसके चलते आसपास के लोग उसे पहचान नहीं पाए। स्थानीय लोग उसे “डॉक्टर भाई” या “डॉक्टर साहब” कहकर जानते थे, जिससे उसकी असल पहचान पर कभी शक नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि शिवम अग्रवाल का नेटवर्क नर्सिंग होम और कुछ अन्य मेडिकल सेटअप से जुड़ी सुविधाओं के जरिए भी काम करता था। वह जरूरतमंद लोगों को भरोसे में लेकर कथित रूप से अवैध किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी गतिविधियों में शामिल करता था।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे रैकेट में कई स्तरों पर लोग शामिल हो सकते हैं और इसकी जांच अब व्यापक स्तर पर की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और किन-किन अस्पतालों या संस्थानों की इसमें भूमिका रही है।
पुलिस ने बताया कि मामले में डिजिटल सबूत, बैंक लेन-देन और मेडिकल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे गिरोह की परतें खोली जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों की भी पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, क्योंकि आरोपी की छवि एक सामान्य और मददगार व्यक्ति की थी। स्थानीय लोग यह जानकर हैरान हैं कि जिस व्यक्ति को वे “डॉक्टर साहब” के नाम से जानते थे, वह कथित रूप से इतने बड़े अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और इसे एक बड़े संगठित अपराध के रूप में देखा जा रहा है।

