Samachar Nama
×

सोशल मीडिया का भ्रम: क्या बिच्छू के बच्चे सच में मां को खाते हैं?

सोशल मीडिया का भ्रम: क्या बिच्छू के बच्चे सच में मां को खाते हैं?

आजकल सोशल मीडिया पर बिच्छू से जुड़ी कई चौंकाने वाली बातें और वीडियो तेजी से वायरल होते रहते हैं। इनमें सबसे चर्चित दावा यह है कि बिच्छू के बच्चे जन्म लेते ही अपनी मां को खा जाते हैं। लोग इसे मां की ममता की एक अजीब मिसाल बताते हैं और कहते हैं कि भूख लगने पर बच्चे अपनी मां के शरीर को नोच-नोचकर खा लेते हैं।

हालांकि, वैज्ञानिक अध्ययनों और जानवरों के विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह सच नहीं है। यह कहानी केवल किस्से-कहानियों और मिथकों पर आधारित है। बिच्छू की इस वायरल कहानी में सच्चाई कुछ अलग है और जानकर लोग हैरान रह सकते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि बिच्छू के बच्चे जन्म लेने के बाद अपनी मां के पास एक निश्चित समय तक रहते हैं और उनसे पोषण प्राप्त करते हैं। मां बिच्छू बच्चों को शिकार किए गए छोटे कीट या अपने शरीर के अतिरिक्त पोषक तत्वों से भोजन कराती है। हालांकि, यह सामान्य तौर पर जन्म के तुरंत बाद बच्चों द्वारा मां को खाने जैसा नहीं होता।

यह मिथक शायद इसलिए भी फैल गया कि कुछ बिच्छू की प्रजातियों में सख्त परिस्थितियों में मां बिच्छू अपने बच्चों के लिए अपनी शरीर का हिस्सा पोषण के रूप में छोड़ देती है। इसे देखकर लोग अक्सर गलतफहमी में आ जाते हैं और इसे “मां को बच्चे खा रहे हैं” जैसी कहानी बना देते हैं।

जानवरों के विशेषज्ञों का कहना है कि बिच्छू की मां अपने बच्चों की सुरक्षा और पोषण के लिए काफी समय तक जिम्मेदार रहती है। मां बिच्छू बच्चे की सुरक्षा और उनकी देखभाल में कई सप्ताह बिताती है। इस दौरान बच्चे मां से धीरे-धीरे शिकार करना और खाने की कला सीखते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कहानियों में अक्सर भ्रमित करने वाले वीडियो और इमेज शामिल होते हैं। इनमें बिच्छू का प्राकृतिक व्यवहार गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे लोग सच मान बैठते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानवर के बारे में सत्यापित और विश्वसनीय स्रोत की जानकारी को ही मानना चाहिए।

इस वायरल मिथक ने कई लोगों को भयभीत और अचंभित कर दिया है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो, बिच्छू के बच्चों द्वारा मां को खाने का दावा पूरी तरह असत्य और मजाक या अफवाह पर आधारित है।

कुल मिलाकर, बिच्छू की यह कहानी सोशल मीडिया पर फैलने वाला भ्रम है। मां बिच्छू बच्चों के प्रति अपनी ममता और सुरक्षा का व्यवहार दिखाती है, लेकिन बच्चों द्वारा मां को खा लेने जैसी घटनाएं वास्तविक नहीं हैं। ऐसे मिथकों पर यकीन करने से पहले सत्यापन और विशेषज्ञों की राय जानना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर कहानी को सच्चाई और विज्ञान की कसौटी पर परखना ही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम है।

Share this story

Tags