तेलंगाना में दर्दनाक हादसा: खेलते-खेलते कार में पहुंची 4 साल की बच्ची, ऑटोमैटिक लॉक लगा तो नहीं खुला दरवाजा
तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची की कार के अंदर दम घुटने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची खेलते-खेलते घर के बाहर खड़ी कार के अंदर चली गई। इसी दौरान कार का ऑटोमैटिक लॉक लग गया और बच्ची अंदर ही फंस गई। भीषण गर्मी के बीच काफी देर तक कार के अंदर बंद रहने के कारण बच्ची की हालत बिगड़ गई। जब तक परिजनों को घटना का पता चला, तब तक उसकी जान जा चुकी थी। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया और आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध रह गए।
खेलते-खेलते कार के अंदर पहुंची बच्ची
जानकारी के अनुसार, बच्ची घर के सामने अन्य बच्चों की तरह खेल रही थी। इसी दौरान वह वहां खड़ी कार के पास पहुंची और किसी तरह उसके अंदर चली गई। बच्ची के कार में बैठने के बाद दरवाजा बंद हो गया और ऑटोमैटिक लॉक सक्रिय हो गया। कम उम्र होने के कारण बच्ची लॉक खोलकर बाहर नहीं निकल सकी। परिवार को भी तत्काल इस बात की जानकारी नहीं हो सकी कि वह कार के अंदर फंसी हुई है। इस बीच तेज गर्मी के कारण कार के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ता गया।
गर्मी और दम घुटने से बिगड़ी हालत
बंद कार के अंदर तापमान बढ़ने के साथ बच्ची को सांस लेने में परेशानी होने लगी। लंबे समय तक कार में फंसे रहने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दम घुटने से बच्ची की मौत हुई। जब परिजनों को बच्ची के कार में होने का पता चला तो उन्होंने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
हादसे ने सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
इस घटना ने छोटे बच्चों को वाहनों से दूर रखने और कार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि बच्चों को कभी भी बंद कार में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। इसके अलावा घर के बाहर खड़े वाहन को लॉक करके रखना और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चे उसके अंदर आसानी से प्रवेश न कर सकें।
खास तौर पर गर्म मौसम में बंद कार कुछ ही समय में बेहद गर्म हो सकती है। ऐसे में अगर कोई बच्चा अंदर फंस जाए तो स्थिति तेजी से जानलेवा बन सकती है। चार साल की मासूम की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि घर के बाहर खड़ी कार समेत किसी भी वाहन को बच्चों की पहुंच से सुरक्षित रखना कितना जरूरी है।

