24 साल से लापता बेटे का रचा नाटक, बुजुर्ग पिता से ठगी; फर्जी संत बनकर ऐंठे 10 हजार
तेलंगाना के इब्राहिमपटनम में एक बुजुर्ग पिता के साथ धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 24 साल से लापता इकलौते बेटे की तलाश में जुटे 75 वर्षीय पिता की भावनाओं का फायदा उठाकर आरोपियों ने नकली बेटे का पूरा नाटक रच दिया। एक व्यक्ति को साधु के वेश में तैयार कर बुजुर्ग के सामने उनके लापता बेटे के रूप में पेश किया गया। इतना ही नहीं, पूजा-पाठ और माला उतारने के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये भी लिए गए। बाद में परिवार को शक हुआ और पूरा मामला सामने आ गया।
मामला रंगारेड्डी जिले के सीतारामपेट गांव का है। पिशाती लक्ष्मा रेड्डी का बेटा श्रीनिवास रेड्डी करीब 24 साल पहले घर छोड़कर चला गया था। पारिवारिक विवाद के बाद घर से जाने के बाद उसका कोई पता नहीं चला। पिता ने लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इतने वर्षों के बाद भी पिता को उम्मीद थी कि एक दिन उनका बेटा वापस जरूर आएगा।
साधु के वेश में पहुंचा नकली बेटा
पुलिस शिकायत के मुताबिक, मोहन रेड्डी नाम के व्यक्ति ने लक्ष्मा रेड्डी से संपर्क किया और दावा किया कि उनका लापता बेटा मिल गया है। इसके बाद 20 सितंबर को उन्हें चेरुवुगट्टू मंदिर बुलाया गया। वहां एक व्यक्ति को साधु के वेश में खड़ा किया गया और बताया गया कि यही उनका बेटा श्रीनिवास रेड्डी है। आरोप है कि फोन पर भी उनसे बेटे के नाम पर बातचीत कराई गई, जिससे बुजुर्ग को इस दावे पर भरोसा हो गया।
बुजुर्ग को विश्वास में लेने के बाद आरोपियों ने धार्मिक अनुष्ठान और माला उतारने की बात कही। इसी बहाने उनसे 10 हजार रुपये नकद लिए गए। हालांकि इसके बाद बुजुर्ग ने कथित बेटे से सीधे बात करने और उसकी पहचान की पुष्टि करने का फैसला किया। यहीं से पूरे नाटक पर शक गहराने लगा।
उम्र और जवाबों से हुआ शक
परिवार के सदस्यों को कथित बेटे की पहचान पर संदेह होने लगा। उससे बचपन, परिवार और पुराने घटनाक्रम से जुड़े सवाल पूछे गए तो उसके जवाब संतोषजनक नहीं थे। परिवार ने डीएनए जांच कराने की बात भी कही। इसके बाद कथित तौर पर नकली बेटे की पोल खुल गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि वह असली श्रीनिवास रेड्डी नहीं था।
लक्ष्मा रेड्डी ने 27 सितंबर को इब्राहिमपटनम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मोहन रेड्डी और यदैया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
24 साल से बेटे की वापसी का इंतजार कर रहे बुजुर्ग के लिए यह घटना भावनात्मक रूप से बेहद पीड़ादायक रही। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने बुजुर्ग की पारिवारिक जानकारी कैसे जुटाई और इस पूरी कथित साजिश को किस तरह अंजाम दिया गया।

