फ्लोर टेस्ट में TVK सरकार पास, ज्योतिषी को OSD बनाने पर बवाल; उदयनिधि और CM विजय के बीच छिडा युद्ध
तमिलनाडु की सियासत में आज बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब हाल ही में बनी TVK सरकार ने विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित कर दिया। हालांकि सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उठे एक नए विवाद ने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
विवाद की जड़ सरकार द्वारा एक ज्योतिषी को मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) के रूप में नियुक्त किए जाने का फैसला है। इस निर्णय के सामने आते ही विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और इसे “अवैज्ञानिक और प्रशासनिक परंपराओं के खिलाफ” बताया।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान DMK नेता और वरिष्ठ मंत्री Udhayanidhi Stalin ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासनिक पदों पर इस तरह की नियुक्तियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
वहीं दूसरी ओर TVK सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री Vijay ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह नियुक्ति केवल “सलाहकारी भूमिका” के लिए की गई है और इसका प्रशासनिक निर्णयों पर कोई प्रभाव नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पारंपरिक और आधुनिक सोच के बीच संतुलन बनाकर काम कर रही है।
हालांकि विपक्ष इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं दिखा और सदन के भीतर जमकर हंगामा हुआ। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कुछ समय के लिए कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार तर्कसंगत प्रशासनिक ढांचे के बजाय अंधविश्वास को बढ़ावा दे रही है।
फ्लोर टेस्ट के नतीजे आने के बाद भी सियासी टकराव कम नहीं हुआ है। जहां TVK समर्थकों ने इसे “जनता के विश्वास की जीत” बताया, वहीं विपक्ष ने कहा कि बहुमत साबित करना अलग बात है और शासन की गुणवत्ता पर सवाल अभी भी कायम हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराता जा सकता है, क्योंकि यह मुद्दा केवल नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और वैज्ञानिक सोच बनाम परंपरागत विश्वास की बहस बन चुका है।
दूसरी ओर, सरकार के समर्थकों का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे को तूल दे रहा है ताकि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। वहीं विपक्ष इसे “नीतिगत भटकाव” बता रहा है।
फिलहाल स्थिति यह है कि TVK सरकार ने फ्लोर टेस्ट जीतकर सत्ता में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, लेकिन ज्योतिषी की OSD नियुक्ति ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी और सड़क से सदन तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं।

