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तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस, वीडियो में जाने 7 मई का शपथ ग्रहण टलने की संभावनाv

तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस, वीडियो में जाने 7 मई का शपथ ग्रहण टलने की संभावनाvi

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 7 मई को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह टलने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। TVK प्रमुख विजय द्वारा राज्यपाल को सरकार गठन का दावा पेश किए जाने के बाद राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, बुधवार को विजय ने लोकभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने 113 विधायकों के समर्थन का पत्र भी सौंपा। दावा किया जा रहा है कि इस समर्थन पत्र में TVK के 107 और कांग्रेस के 5 विधायकों के हस्ताक्षर शामिल हैं।

हालांकि, राज्यपाल की ओर से इस दावे पर तत्काल सहमति नहीं दी गई है। सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने सरकार गठन के लिए 118 विधायकों के स्पष्ट समर्थन की मांग की है, जो कि बहुमत के आंकड़े के रूप में देखा जा रहा है। इसी कारण से अभी अंतिम निर्णय पर अनिश्चितता बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि राज्यपाल द्वारा मांगे गए अतिरिक्त समर्थन के बाद TVK प्रमुख विजय ने समय की मांग की है। उनका कहना है कि वे अन्य विधायकों से समर्थन जुटाने के प्रयास कर रहे हैं ताकि स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा हासिल किया जा सके।

वर्तमान राजनीतिक स्थिति की बात करें तो 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK के पास 108 सीटें हैं। हालांकि, विजय स्वयं दो सीटों से विजयी हुए हैं, जिसके चलते उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। ऐसे में पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाती है। दूसरी ओर, कुल सीटों की स्थिति में एक सीट कम होने के बाद 233 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 ही माना जा रहा है।

इस परिस्थिति में TVK को अभी भी कम से कम 11 और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। फिलहाल कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन पार्टी को मिला हुआ है, लेकिन यह आंकड़ा बहुमत से अभी भी कम है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि TVK आवश्यक समर्थन जुटाने में सफल होती है, तो राज्य में नई सरकार का गठन तय माना जा रहा है। वहीं, अगर बहुमत साबित नहीं हो पाया तो शपथ ग्रहण समारोह आगे और भी टल सकता है।

इस बीच राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी दल अपने-अपने स्तर पर समीकरण साधने में लगे हुए हैं। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या TVK सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन जुटा पाएगी या फिर राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता और लंबी खिंच सकती है।

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