अन्नामलाई की नई पार्टी को मिला जबरदस्त समर्थन, वीडियो में जाने 10 घंटे में 10 लाख रजिस्ट्रेशन का दावा, भाजपा में बढ़ी हलचल
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष K. Annamalai द्वारा शुरू किए गए नए राजनीतिक आंदोलन ‘इधु नम्मा इयक्कम’ को लेकर भारी जनसमर्थन मिलने का दावा किया गया है। अन्नामलाई ने कहा है कि आंदोलन की शुरुआत के महज 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
अन्नामलाई ने इस पहल को किसी एक नेता या दल का अभियान नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि ‘इधु नम्मा इयक्कम’ तमिलनाडु के भविष्य को लेकर लोगों की साझा सोच, आकांक्षाओं और मिशन का प्रतीक है। उनका दावा है कि राज्य में बदलाव चाहने वाले लोग बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
भाजपा छोड़ने के बाद शुरू किया नया आंदोलन
गौरतलब है कि अन्नामलाई ने 2 जून को भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उनके इस्तीफे की चिट्ठी शुक्रवार को सार्वजनिक हुई, जिसके बाद तमिलनाडु की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। भाजपा में तेज़ी से उभरे नेताओं में गिने जाने वाले अन्नामलाई का पार्टी छोड़ना राज्य इकाई के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई का अलग रास्ता चुनना आगामी चुनावों से पहले तमिलनाडु की सियासत में नए समीकरण बना सकता है। खासकर युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए इस नए राजनीतिक मंच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
भाजपा नेताओं का भी मिल रहा साथ
अन्नामलाई के फैसले के बाद भाजपा के भीतर भी हलचल बढ़ गई है। उनके समर्थन में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष Karu Nagarajan ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पत्रकारों से बातचीत में नागराजन ने कहा कि उन्होंने और कई अन्य भाजपा नेताओं ने अन्नामलाई का समर्थन करने का फैसला किया है।
उनके इस बयान ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भाजपा के कुछ और नेता भी अन्नामलाई के नए राजनीतिक अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी अन्य नेता की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय?
‘इधु नम्मा इयक्कम’ को लेकर अन्नामलाई लगातार इसे जनता केंद्रित आंदोलन बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह मंच राज्य के विकास, सुशासन और नई राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
यदि 10 लाख रजिस्ट्रेशन के दावे सही साबित होते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में किसी नए राजनीतिक संगठन के लिए बेहद मजबूत शुरुआत मानी जाएगी। फिलहाल राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि यह आंदोलन भविष्य में राजनीतिक पार्टी का रूप लेता है या सामाजिक-राजनीतिक अभियान के तौर पर आगे बढ़ता है।
भाजपा के लिए चुनौती, विपक्ष की भी नजर
अन्नामलाई के इस्तीफे और नए आंदोलन की घोषणा ने न सिर्फ भाजपा बल्कि राज्य की अन्य प्रमुख पार्टियों की भी चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि ‘इधु नम्मा इयक्कम’ तमिलनाडु की राजनीति में कितना प्रभाव छोड़ पाता है और क्या यह राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में नई ताकत बनकर उभरता है।

