जयपुर में युवक का अपहरण, 25 लाख की फिरौती मांगी; वीडियो में जाने पुलिस ने 24 घंटे में किया केस का खुलासा
खोहनागोरियान थाना पुलिस ने अपहरण और 25 लाख रुपए की फिरौती मांगने के मामले का महज 24 घंटे में खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि मामले में 24 अगस्त को परिवादी मुनेश कुमार मीणा ने खोहनागोरियान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनका भतीजा पंकज कुमार मीणा जयपुर में रहता है। 23 अगस्त की सुबह करीब 3 बजे वह किसी काम से खातीपुरा गया था। उस समय उसके साथ उसका दोस्त योगेश शर्मा भी मौजूद था।
सफेद कार से टक्कर मारकर युवक को उठाया
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज के दोस्त योगेश के जरिए परिजनों को घटना की जानकारी मिली। बताया गया कि एक सफेद रंग की चार पहिया गाड़ी ने पंकज की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पंकज सड़क पर गिर गया।आरोप है कि इसके बाद कार सवार बदमाश पंकज को उठाकर अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
WhatsApp कॉल पर मांगी 25 लाख की फिरौती
अपहरण के बाद आरोपियों ने पंकज को छोड़ने के एवज में उसके परिजनों से 25 लाख रुपए की फिरौती मांगी। आरोपियों ने WhatsApp कॉल के जरिए परिवार से संपर्क किया और रकम की मांग की।मामले की गंभीरता को देखते हुए खोहनागोरियान थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया।
24 घंटे में पुलिस ने बरामद किया युवक
पुलिस की कार्रवाई के दौरान अपहृत पंकज मीणा को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। साथ ही वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अपहरण की पूरी साजिश कैसे रची गई थी।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। इसके अलावा सफेद चार पहिया वाहन और फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए WhatsApp कॉल से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया गया है।महज 24 घंटे में अपहृत युवक को सकुशल बरामद करने और आरोपियों को पकड़ने को पुलिस की त्वरित कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

