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जेईई मेन्स में पहली रैंक हासिल करने वाले कौन हैं कबीर छिल्लर ? बताई इस सफलता के पीछे की स्ट्रेटेजी

जेईई मेन्स में पहली रैंक हासिल करने वाले कौन हैं कबीर छिल्लर ? बताई इस सफलता के पीछे की स्ट्रेटेजी

कोचिंग नगरी कोटा ने एक बार फिर देशभर में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। यहां के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई मेन 2026 सेशन-1 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 300 में से 300 अंक प्राप्त किए हैं और ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर ली है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल कोटा बल्कि पूरे शैक्षणिक जगत में खुशी की लहर है।

कबीर छिल्लर की इस सफलता को एक असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि जेईई मेन जैसी कठिन परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। उनकी इस उपलब्धि ने हजारों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का काम किया है।

अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए कबीर ने बताया कि उनकी तैयारी का सबसे बड़ा आधार नियमितता और अवधारणाओं की स्पष्ट समझ रही। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी रट्टा लगाने की बजाय विषयों को गहराई से समझने पर ध्यान दिया।

कबीर के अनुसार, उन्होंने रोजाना एक तय समय-सारणी के अनुसार पढ़ाई की और हर विषय को समान महत्व दिया। उन्होंने बताया कि कठिन विषयों से डरने के बजाय उन्हें बार-बार अभ्यास करके मजबूत बनाया। साथ ही मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास उनकी रणनीति का अहम हिस्सा रहा।

उन्होंने यह भी बताया कि कोचिंग में मिलने वाले टेस्ट और फैकल्टी के मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी को सही दिशा दी। समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना भी उनकी सफलता की बड़ी कुंजी रहा।

कबीर ने छात्रों को सलाह दी कि वे पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि इसे एक लक्ष्य की तरह देखें और लगातार अभ्यास करते रहें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाना भी बेहद जरूरी है।

कोटा के शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों ने कबीर की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। उनका कहना है कि यह सफलता कोचिंग सिस्टम, मेहनत और छात्र की लगन का बेहतरीन उदाहरण है।

कुल मिलाकर, कबीर छिल्लर की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि देशभर के इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी भी है, जो यह साबित करती है कि सही रणनीति, अनुशासन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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