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वृद्धावस्था पेंशन बंद हुई तो दफ्तरों के चक्कर काटता रहा इरफान, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बताई परेशानी

वृद्धावस्था पेंशन बंद हुई तो दफ्तरों के चक्कर काटता रहा इरफान, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बताई परेशानी

दौसा शहर के नागोरियान मोहल्ले निवासी इरफान खान की परेशानी सुनकर कलेक्टर कार्यालय में मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए। इरफान अपनी बंद पड़ी वृद्धावस्था पेंशन को दोबारा शुरू कराने के लिए लंबे समय से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। पेंशन बंद होने के बाद उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर वह कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी।

इरफान खान का कहना है कि वृद्धावस्था पेंशन उनके लिए आर्थिक सहारे का महत्वपूर्ण जरिया है। पेंशन बंद होने के बाद रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि पेंशन शुरू कराने के लिए उन्होंने संबंधित विभाग के कार्यालयों में कई बार संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

लंबे समय से लगा रहे सरकारी दफ्तरों के चक्कर

इरफान के मुताबिक, पेंशन बंद होने के बाद उन्होंने सरकारी स्तर पर इसकी जानकारी लेने की कोशिश की। अलग-अलग कार्यालयों में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पेंशन दोबारा शुरू नहीं हो सकी। लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।

कलेक्टर कार्यालय में अपनी समस्या बताते समय इरफान ने पेंशन बंद होने के कारण होने वाली परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने अधिकारियों से पेंशन की स्थिति की जांच करवाकर इसे जल्द से जल्द दोबारा शुरू कराने की मांग की।

पेंशन बंद होने से बढ़ी परेशानी

वृद्धावस्था पेंशन का उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी जरूरी जरूरतों के लिए दूसरों पर पूरी तरह निर्भर न रहें। ऐसे में किसी लाभार्थी की पेंशन किसी कारण से रुक जाती है तो उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

इरफान का मामला भी इसी तरह की परेशानी को सामने लाता है। उनका कहना है कि पेंशन बंद होने के बाद उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

अब समाधान की उम्मीद

कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत रखने के बाद इरफान को उम्मीद है कि उनकी समस्या पर संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। अब यह देखना होगा कि पेंशन किस वजह से बंद हुई और उसे दोबारा शुरू कराने के लिए कौन सी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इरफान की शिकायत सामने आने के बाद मामला इस बात की ओर भी ध्यान खींचता है कि सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से परेशानी होने पर उसका समाधान आसानी से मिल सके। फिलहाल इरफान अपनी पेंशन दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

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