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गेहूं तेज, सरसों, चना और धनिये में मंदी

गेहूं तेज, सरसों, चना और धनिये में मंदी

राजस्थान की प्रमुख कृषि मंडियों में इन दिनों फसलों के दामों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ताजा मंडी रुझानों के अनुसार गेहूं के भाव में तेजी देखी जा रही है, जबकि सरसों, चना और धनिये के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव से किसानों और व्यापारियों के बीच मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, राज्य की विभिन्न मंडियों में गेहूं की मांग बढ़ने से इसके भाव में मजबूती आई है। आटा मिलों और सरकारी खरीद की बढ़ती मांग के कारण गेहूं के दामों में सुधार दर्ज किया जा रहा है। व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि मांग इसी तरह बनी रही तो गेहूं के भाव में और तेजी देखने को मिल सकती है।

वहीं दूसरी ओर, सरसों के बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है। आवक अधिक होने और निर्यात मांग में कमी के कारण सरसों के दाम दबाव में हैं। किसानों को इस समय अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे चिंतित नजर आ रहे हैं।

चना के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में पर्याप्त स्टॉक और कमजोर मांग के कारण चने की कीमतों में नरमी आई है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों या विशेष मांग के बिना चने के दाम में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल कम है।

धनिये के बाजार में भी मंदी का रुख देखने को मिल रहा है। निर्यात मांग कमजोर होने और स्थानीय स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता के कारण इसके दामों में गिरावट आई है। किसान और व्यापारी दोनों ही मौजूदा स्थिति को लेकर सतर्क हैं और बाजार की अगली दिशा का इंतजार कर रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम, उत्पादन और बाजार की मांग इन सभी का सीधा असर फसलों के भाव पर पड़ता है। वर्तमान में कुछ फसलों की आवक अधिक होने से दामों पर दबाव देखा जा रहा है, जबकि गेहूं जैसी आवश्यक फसल में स्थिर मांग के कारण तेजी बनी हुई है।

किसानों ने मांग की है कि सरकार को फसल खरीद नीति और समर्थन मूल्य व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से नुकसान कम हो।

कुल मिलाकर, राजस्थान की मंडियों में इस समय गेहूं की मजबूती और अन्य प्रमुख फसलों में मंदी का रुख देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि बाजार में असंतुलित माहौल बना हुआ है।

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