राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने बढ़ाई मुश्किलें
राजस्थान में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर करवट ले ली है। आधी रात से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। यह बेमौसम बारिश खासकर बसंत पंचमी के पर्व पर हुई, जिससे मौसम में ठंडक लौट आई है और लोगों की सामान्य गतिविधियों में भी व्यवधान पैदा हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जैसलमेर और सीकर में बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि की घटनाएँ भी सामने आई हैं। बारिश और ओले ने शादी समारोह, बाजार और अन्य सार्वजनिक आयोजन प्रभावित किए हैं। इसके अलावा किसानों के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, क्योंकि खड़ी फसलों पर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सीधा असर पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने 23 जनवरी को जयपुर समेत 14 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट के जिलों में रहने वाले नागरिकों से मौसम विभाग ने सावधानी बरतने और खुले में न जाने की अपील की है। विभाग ने कहा कि तेज हवा और ओलावृष्टि के कारण सड़क और बिजली जैसी अवसंरचना प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान में इस बार अत्यधिक ठंड और बेमौसम बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएँ और आवश्यक होने पर नमी और ओले से होने वाले नुकसान से बचने के उपाय करें।
शहरी क्षेत्रों में भी इस मौसम का असर देखा गया है। जयपुर, अजमेर, जोधपुर और सीकर जैसे जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लोग हल्की गर्म कपड़े पहनकर भी सर्दी और बारिश के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, शादी समारोहों और अन्य कार्यक्रमों में आयोजनकर्ताओं को बढ़ते मौसम खतरे के मद्देनजर तैयारी में बदलाव करने पड़े हैं।
मौसम विभाग ने आगे बताया कि 24 जनवरी से यह सिस्टम कमजोर होने लगेगा और बारिश की गतिविधियाँ धीरे-धीरे कम हो जाएँगी। हालांकि, इस दौरान ठंड और कोहरा बना रह सकता है, जिससे सुबह और शाम के समय यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई यह बारिश शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में असरदार साबित हुई है। वहीं, किसानों के लिए यह चेतावनी भी है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल और आर्थिक नुकसान हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी, अलर्ट और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने का आग्रह किया है।
इस प्रकार, राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर अपनी अप्रत्याशित करवट दिखा दी है। झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और सर्द हवाओं ने न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित की है, बल्कि शादी समारोह और खेतों में फसल सुरक्षा जैसी अहम समस्याएँ भी पैदा की हैं।

