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उत्तर भारत में मौसम का कहर, कई राज्यों में बारिश-ओले, आंधी से जनहानि; वीडियो में जाने 17 जिलों में अलर्ट जारी

उत्तर भारत में मौसम का कहर, कई राज्यों में बारिश-ओले, आंधी से जनहानि; वीडियो में जाने 17 जिलों में अलर्ट जारी

देश के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली। वहीं मध्य भारत के कुछ इलाकों में एक बार फिर भीषण गर्मी लौटने लगी है, जिससे मौसम का असंतुलन साफ नजर आ रहा है।Bihar में हालात सबसे ज्यादा गंभीर रहे, जहां राजधानी पटना सहित कुल 7 जिलों में तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं में कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 5 मौतें अकेले पटना में दर्ज की गईं। तेज हवाओं के कारण 600 से अधिक पेड़ गिर गए, जिससे कई इलाकों में यातायात और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

इसी तरह Uttar Pradesh के भी कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। आगरा और जालौन जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि मऊ जिले में ओलावृष्टि हुई। अचानक हुए मौसम परिवर्तन से किसानों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।इसके अलावा Chhattisgarh, Jharkhand, Himachal Pradesh और Rajasthan में भी कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि की खबरें सामने आई हैं। पहाड़ी इलाकों में जहां बारिश से राहत मिली, वहीं मैदानी क्षेत्रों में आंधी और ओलों ने जनजीवन प्रभावित किया।

मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण हुआ है, जिसके चलते उत्तर भारत के कई हिस्सों में अस्थिर मौसम बना हुआ है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले 24 से 48 घंटों में स्थिति और बदल सकती है।शनिवार के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत देश के 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

वहीं दूसरी ओर मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे गर्मी फिर से लौटती दिख रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिसके बाद मौसम फिर से स्थिर हो सकता है।लगातार बदलते मौसम ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। कई जगहों पर खड़ी फसलें गिरने और नुकसान की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं, जबकि लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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