जयपुर में बदला मौसम, 4 सितंबर से बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां, वीडियो में जाने तापमान फिर 40 डिग्री के करीब
राजस्थान में एक बार फिर मौसम करवट लेने लगा है। बुधवार दोपहर बाद राजधानी जयपुर समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश में 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ा हुआ था। बीते चार दिनों से राज्य के किसी भी जिले में खास बारिश दर्ज नहीं हुई है। सितंबर का पहला दिन भी लगभग सूखा रहा, जिसके चलते तापमान में फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है।
तापमान में बढ़ोतरी, पारा 40 डिग्री के करीब पहुंचा
बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ गया है। कई जिलों में तापमान एक बार फिर 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया है।बीते 24 घंटे में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई शहरों में तापमान 34 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ।गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, बारिश की संभावना से राहत मिलने की उम्मीद है।
4 से 7 सितंबर तक बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 4 से 7 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इस दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है।मौसम विभाग ने बताया कि इस अवधि में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ इलाकों में तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
कोटा संभाग में तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 से 7 सितंबर के दौरान कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।बारिश की गतिविधियां बढ़ने से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। मानसून के कमजोर पड़ने से कई क्षेत्रों में खेतों में नमी की कमी महसूस की जा रही थी।
जयपुर में बारिश से मिली राहत
बुधवार दोपहर बाद जयपुर के कई हिस्सों में हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम में बदलाव के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है।मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश के दौरान सावधानी बरतें और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों पर जाने से बचें। आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है।

